चिलकहर। विकासखंड के नराव गांव में आज भी लकड़ी के सड़े हुए 60 खंभों व जर्जर तार से गांव की विद्युत सप्लाई की जा रही है। यह गांव लोहिया व अंबेडकर भी चयनित हो चुका है बावजूद इसके विकास कार्यों से कोसों दूर है।ं लकड़ी के खंभे और विद्युत तार टूटने से कई अप्रिय घटना भी हो चुकी हैं
गौरतलब है कि विकासखंड चिलकहर का ग्रामसभा नाराव शासन द्वारा एक बार अंबेडकर ग्राम सभा वह दूसरी बार लोहिया ग्रामसभा चयनित किया गया है बावजूद इसके अब तक विकास कार्यों से कोसों दूर है । गांव की आबादी लगभग 12000 से अधिक है, बावजूद इसके लकड़ी के पुराने खंभों के सहारे पूरे गांव की विद्युत आपूर्ति आपूर्ति चल रही है हालांकि इस जर्जर खंभे व जर्जर तार की वजह से कई बार गांव में बड़ी- बड़ी दुर्घटनाएं भी हो चुकी है । यही नहीं कई लोगों के मकानों के ऊपर से विद्युत तार गुजरता है जिससे बरसात होने पर पूरे घर में विद्युत प्रवाहित होने लगता है । इसकी शिकायत गांव वालों ने कई बार संबंधित अधिकारियों से लिखित रुप से किया बावजूद नहीं तो लकड़ी के जर्जर खंबे ही बदले गए ना ही जर्जर तार। गांव के कृष्ण मोहन पांडे, राकेश पांड,े चंद्रबली पांडेय, राधा किशन पांड,े हरिहरानंद यादव, प्रदुमन राजभर, सुशील, लक्ष्मण गुप्ता सहित आदि लोगों ने संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्काल रुप से लकड़ी के खंबे और जर्जर विद्युत तार को बदलने की मांग की है। इसी ग्रामसभा में ब्राह्मण बस्ती में अब तक लगभग 1000 से अधिक आबादी वाला पूरवा होने पर भी आज तक विद्युत आपूर्ति नहीं मिलती है। लोग अंधेरे व ढिबरी में रहने को विवश हैं।