बलिया। अभी अमर नाथ यात्रा के दौरान पहली सोमवार के दिन आतंकवादियों द्वारा दक्षिणी काश्मीर के अनंतनाग जिले के बंटिग में श्रद्धालुओं पर किए गए हमले से लोग उबरे भी नहीं थे कि प्रदेश के विधान सभा में विस्फोट सामान मिलने से प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशभन चिह्न खड़ा हो गया। कमोबेश ऐसी ही स्थिति जनपद में भी है। यहां के प्रमुख सरकारी कार्यालयों व सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा की खास व्यवस्था नहीं है। अस्पताल व अन्य जगहों पर होमगार्ड के कंधों पर सुरक्षा का भार है।
पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह ने बताया कि अमर नाथ यात्रा के दौरान पहली सोमवार के दिन आतंकवादियों द्वारा दक्षिणी काश्मीर के अनंतनाग जिले के बंटिग में श्रद्धालुओं पर हमले के बाद ही जनपद के प्रमुख शिवालयों पर पुलिस फोर्स तैनात कर दिया था। जिन्हें मंदिर में पूजा करने आने वाले संदिग्ध व्यक्ति पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा बस अड्डा, रेलवे स्टेशन, कचहरी, अस्पताल एवं सार्वजनिक स्थानों पर भी विशेष एहतियात बरतने का आदेश दिया गया है। लेकिन आज भी कचहरी, डीएम कार्यालय व एसपी कार्यालय को छोड़ अन्य कार्यालयों पर फोर्स मुस्तैद नहीं रहती है। अगर ऐसे में कोई व्यक्ति विस्फोट सामान लेकर अंदर प्रवेश कर गया तो कुछ भी हो सकता है। सबसे बुरा हाल जिले के तहसीलों, जिला अस्पताल व महिला अस्पताल सहित प्रमुख मंदिरों व सार्वजनिक स्थानों की है, जहां होमगार्ड के भरोसे सुरक्षा होती है। इन स्थानों पर न तो कोई जांच मशीन है और न ही सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता इंतजाम है। हालांकि एसपी ने अमर नाथ यात्रा में आतंकी हमला के बाद भी जनपद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के साथ ही अलर्ट जारी कर दिया है।