अंबेडकरनगर में शनिवार को हुई तेज बारिश से गिरी धान की फसल।
- फोटो : अमर उजाला
एक नवंबर से धान की खरीद शुरू होनी है। इसके मद्देनजर विपणन विभाग पूरी तरह तैयार है। एक लाख एमटी लक्ष्य रखने के साथ ही पूरे जनपद में कुल 31 क्रय केंद्र खोले जाएंगे। लेकिन हर साल की तरह इस साल भी किसानों को अपनी मेहनत की फसल को लेकर दो-चार न होना पड़े। इसे लेकर वे सकते में है। लेकिन विपणन अधिकारी नरेंद्र तिवारी के अनुसार क्रय केंद्र की हर व्यवस्था चुस्त दुरूस्त हो गई है।
धान की कटाई के बाद, मड़ाई आदि का कार्य गांवों में इन दिनों युद्धस्तर पर चल रहा है। अब तक का इतिहास रहा है कि कभी भी शासन-प्रशासन किसानों के अनुकूल क्रय केंद्र का बंदोबस्त नहीं कर पाया। कभी किसी क्रय केंद्र पर बोरी का अभाव रहता है तो कहीं-कहीं क्रय केंद्र से घटतौली की शिकायत आई है। इस तरह इस साल भी किसानों की जेहन में अपनी मेहनत की फसल बेचेने तथा मूल्य को लेकर किसान चिंतित है।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन किस तरह की व्यवस्था किसानों को मुहैया करा रही है। जनपद के कुल छह तहसील में सदर तहसील में चार, बांसडीह तहसील में पांच, रसड़ा तहसील में पांच, बैरिया में छह, सिकंदरपुर में छह, बेल्थरारोड में पांच क्रय केंद्र खोले जाएंगे। जिला विपणन अधिकारी नरेंद्र तिवारी ने बताया कि इस साल धान की खरीद का लक्ष्य कुल एक लाख एमटी रखा गया है तथा 31 केंद्र खोले गए हैं। बोरियों की पर्याप्त व्यवस्था है। कम करने पर और मंगा ली जाएगी। फिलहाल विभाग के पास दो हजार गांठ है।