चुनाव आयोग की सख्ती और प्रमुख सचिव के फरमान के बाद भी अभी भी जनपद में गैर विभागीय अधिकारी बीडीओ के पद पर आसीन हैं, जबकि प्रावधान है कि बीडीओ का अतिरिक्त चार्ज विकास भवन का ही कोई अधिकारी संभाल सकते हैं। लेकिन जनपद में सारे प्रावधान और नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कुछ इस तरह का मामला सामने आया है, जिसमें तीन गैर विभागीय अधिकारी बीडीओ का अतिरिक्त चार्ज लेकर काम कर रहे हैं।
गौरतलब है कि भारत निर्वाचन आयोग के फरमान का हवाला देते हुए उप्र के प्रमुख सचिव दीपक त्रिवेदी ने समस्त जनपद के जिलाधिकारी तथा मुख्य विकास अधिकारी को दिनांक 23 नवंबर 2016 को पत्र जारी किया था। जिसमें जिक्र था कि भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष यह शिकायत प्राप्त हो रही है कि कतिपय जनपदों में रिक्त विकास खंडों का अतिरिक्त प्रभार प्रादेशिक विकास सेवा से इतर अन्य विभागों के जिलाधिकारी द्वारा दिया गया है।
इस संबंध में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कड़ी आपत्ति की गई। लिहाजा यदि ऐसी स्थिति किसी भी जनपद में है तो उसको तुरंत दुरुस्त कर लिया जाय। अन्यथा संबंधित जिलाधिकारी एवं सीडीओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लेकिन प्रमुख सचिव के इस आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के ही संस्तुति में गैर विभाग के तीन अधिकारी बीडीओ का पद संभाल रहे हैं।