बलिया/इंदरपुर । जनपद के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों का विकास कार्यक्रम वर्ष 2026-27 के तहत जनपद के तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों के पर्यटन विकास के लिए 3.40 करोड़ रुपये की स्वीकृति शासन से मिल गई है। ये तीनों कार्य विधानसभा क्षेत्र बांसडीह के सुखपुरा में, बलिया सदर के हल्दी में और बिल्थरारोड विधानसभा क्षेत्र के कमरौली ग्राम पंचायत के निछुआडीह में कराए जाएंगे। शासन ने बांसडीह विधायक केतकी सिंह, एमएलसी रविशंकर सिंह पप्पू और बिल्थरारोड विधायक हंसू राम के प्रस्ताव पर इस बजट को स्वीकृत किया है। स्वीकृति के बाद पर्यटन विभाग के अवर अभियंता सहित अधिकारियों की टीम ने तीनों स्थलों का निरीक्षण भी कर लिया है। खबर मिलते ही तीनों विधानसभा क्षेत्रों में हर्ष की लहर दौड़ गई है। तीनों जनप्रतिनिधियों ने इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया है। शुउत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास निगम लखनऊ के अवर अभियंता सुनील यादव के नेतृत्व में आर्किटेक्ट की टीम ने आकलन किया। अवर अभियंता सुनील यादव ने बताया कि धनराशि जारी हो गई है। जल्द ही कार्य रू हो जाएगा।
ग्राम पंचायत हल्दी में 1 करोड़ का विकास
विधान परिषद सदस्य रविशंकर सिंह पप्पू के प्रस्ताव पर हल्दी स्थित प्रसिद्ध नेकू बाबा एवं हुलासो सती मां मंदिर पर 1 करोड़ रुपये से विकास कार्य होगा। यहां बहुउद्देशीय हॉल, प्रकाश व्यवस्था, सुलभ शौचालय, पेयजल व्यवस्था, क्यूआर कोड के साथ साइनेज, यात्री बेंच और लैंडस्केपिंग का कार्य कराया जाएगा।
कमरौली के निछुआडीह में 1.20 करोड़ से विकास
बिल्थरारोड विधायक हंसू राम के प्रस्ताव पर कमरौली ग्राम पंचायत के निछुआडीह स्थित माता परमेश्वरी देवी मंदिर पर 1.20 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यहां भी बहुउद्देशीय हॉल, लाइट, प्रसाधन, पेयजल, साइनेज विथ क्यूआर कोड, यात्री बैठने की व्यवस्था और लैंडस्केपिंग का कार्य होगा।
सुखपुरा में 1.20 करोड़ से योगी बाबा मंदिर का विकास बांसडीह विधानसभा क्षेत्र के सुखपुरा स्थित प्रसिद्ध योगी बाबा मंदिर के लिए 1.20 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। यह प्रस्ताव विधायक केतकी सिंह की ओर से भेजा गया था। यहां भी बहुउद्देशीय हॉल, प्रकाश, शौचालय, पेयजल, क्यूआर कोड साइनेज, यात्री बेंच और लैंडस्केपिंग जैसे कार्य होंगे। पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इससे न सिर्फ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।