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Ballia News: 253 ग्राम पंचायतों ने नहीं खर्च किए 25 करोड़ रुपये

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स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज टू योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में एसएलडब्ल्यूएम के अंतर्गत चयनित 12 ब्लाॅकों की 253 ग्राम पंचायतों को निर्गत 25 करोड की धनराशि अभी तक खर्च नहीं की गई है। इसको लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी ने संबंधित एडीओ पंचायत को पत्र लिखा है। डीपीआरओ ने पत्र में कहा है कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज -2 योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में एसएलडब्ल्यूएम के अंतर्गत चयनित ग्राम पंचायतों को 20 नवंबर 2023 को क्रेडिट लिमिट निर्धारित की गई थी। वित्तीय वर्ष 2023-24 में निर्धारित क्रेडिट लिमिट का ग्राम पंचायतों द्वारा अभी तक कोई भी धनराशि व्यय नहीं की गई है। जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 की समाप्ति में केवल तीन माह शेष रह गए हैं। यह स्थिति अत्यंत ही खेदजनक है। इससे परिलक्षित होता है कि आप द्वारा शासकीय कार्य में कोई रुचि नहीं ली जा रही है। समस्त धनराशि व्यय नहीं होने और आरआरसी का कार्य पूर्ण न होने के कारण मुख्यमंत्री डैश बोर्ड पर जनपद की ओडीएफ प्लस माॅडल ग्राम की स्थिति अत्यंत खराब है। डीपीआरओ के पत्र के अनुसार बैरिया की 11 ग्राम पंचायतों ने 1.14 करोड़, बेलहरी के 13 ग्राम पंचायतों ने 1.55 करोड़, चिलकहर की 28 ग्राम पंचायतों ने 2.72 करोड़, दुबहड के 23 ग्राम पंचायतों ने 2.48 करोड़, मनियर के 22 ग्राम पंचायतों ने 2.18 करोड़, मुरलीछपरा के 8 ग्राम पंचायतों ने 96.61 लाख, नगरा के 45 ग्राम पंचायतों ने 4.78 करोड़, नवानगर के 22 ग्राम पंचायतों ने 1.65 करोड़, पंदह के 17 ग्राम पंचायतों ने 1.17 करोड़, रसड़ा के 28 ग्राम पंचायतों ने 3.06 करोड़, रेवती के 19 ग्राम पंचायतों ने 1.66 करोड़ व सोहांव के 17 ग्राम पंचायतों ने 2.12 करोड़ की धनराशि को व्यय नहीं किया है।
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नगरा के सहायक विकास अधिकारी पंचायत प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि डीपीआरओ का पत्र मिला है। एलोकेट धनराशि को व्यय करने व आरआरसी सेंटरों को पूर्ण करने हेतु सभी संबंधित सचिवों को निर्देशित कर दिया गया है।
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