बलिया। नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और पॉक्सो के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट नंबर आठ प्रथमकांत की अदालत ने दोषसिद्ध अभिषेक चौहान को 25 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। उस पर कुल 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
अभियोजन के अनुसार 18 नवंबर 2023 की रात वादी की 13 वर्षीय नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा लिया था। वादी की तहरीर पर मनियर थाना में क्षेत्र के पिलुई गांव निवासी अभिषेक चौहान के खिलाफ वर्ष 2023 पॉक्सो एक्ट में दर्ज किया। पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषसिद्ध पाते हुए 25 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। नाबालिग को भगाने के मामले में पांच वर्ष का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड तथा विवाह के लिए अपहरण के मामले में सात वर्ष का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। इन दोनों मामलों में अर्थदंड नहीं देने पर क्रमशः तीन और छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।