भीमपुरा। पछुवा के तेज हवाओ में सुलगी एक चिंगारी से दो घंटे तक आधा दर्जन गांवों के ग्रामीणों की सांसे थमीं रही। आग तीन किलोमीटर तक बढ़ती गई पर बाद में ग्रामीणों ने इस पर काबू पा लिया। इस दौरान आग ने दर्जनों पेड़ों को जला दिया। ग्रामीणों की तत्परता से छोटी बस्तियां बच गईं। प्रत्येक मौजे के ग्रामीण बाल्टी में पानी भरकर गांव के किनारे खड़े दिखे। फायर ब्रिगेड की गाड़ी आग पर काबू पा लेने के बाद पहुंची।
भीमपुरा थाना क्षेत्र केबरवां रत्ती पट्टी गांव के सिवान में अज्ञात कारणों से बुधवार की दोपहर में आग लग गई। जब तक ग्रामीण उस आग पर काबू पाने के लिए सोचते तब तक तेज पछुवा हवा के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग के पास किसी की जाने की हिम्मत नही हो पा रही थी। ग्रामीण गांव को आग से बचाने में जी जान से जुट गए। वहीं, आग कसौंडर गांव की तरफ बढ़ गई। बीच मे बरवां और कसौंडर के कई आबादी वाले मौजे बीच में थे। उन मौजों के लोगों का आग देख होश ही उड़ गए। सभी ने बाल्टी डंडा हरे पेडों की टहनियां ले आग से अपने घरों को बचाने में उतर गए। जिसके ट्यूबेल बीच सिवान में थे, वे ट्यूबेल चालू कर चारों तरफ पानी भरने लगे। कसौंडर गांव के सैकड़ों लोग हरे पेडों की टहनियां लेकर नहर किनारे खड़े हो गए और आग को नहर और सड़क की सीमा में ही रोक दिया। इस दौरान कसौंडर के शिवजी सिंह, अमरेश ठाकुर, ओमकार ठाकुर आदि का ईख क ा खेत आग की भेंट चढ़ गया। लोगों ने फायर बिग्रेड सहित भीमपुरा पुलिस को सूचना दी। भीमपुरा एसओ तो अपने दलबल के साथ पहुंचकर ग्रामीणों की मदद में जुट गए लेकिन फायर ब्रिगेड की गाड़ी आग बुझने के बाद पहुंची।