बलिया। नगर के डॉ. रामविचार रामरती सरस्वती बालिका विद्या मंदिर रामपुर उदयभान में वार्षिकोत्सव समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार की स्वतंत्र प्रभार मंत्री स्वाती सिंह ने कहा कि मुझे नारी होने पर गर्व है। महिलाओं को किसी भी हाल में अपने को कमजोर महसूस नहीं करना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को नसीहत देते हुए कहा कि महिलाओं को हक मिलना चाहिए। उसके लिए अगर लड़ाई भी करनी चाहिए तो वह जायज है। कहा कि नृत्य को समाज के लोग गलत नजरिए से देखते हैं। जबकि मैं नृत्य को कभी भी गलत नहीं मानती यह एक कला है। कहा कि समाज में महिलाओं को कमजोर रूप में देखा जाता है। लेकिन वहीं महिला जब नृत्य की जगह से शिव का तांडव करती है तो समाज उसे दुर्गा के रुप में देखता है।
मंत्री स्वाती सिंह विद्यालय के वार्षिकोत्सव समारोह के बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री मोदी ही एक ऐसे व्यक्ति है जो बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ की मुहिम चला रहे है। अगर बेटियां पढ़ेगी तभी बचेगी। उन्होंने कहा कि बेटों के जन्म पर लोग उन्हें सशक्त मान लेते हैं। लेकिन बेटियों के जन्म पर आंसू बहाते है। हमें बेटियों को आगे बढ़ाना है। इसके लिए चाहे वह कोई क्षेत्र है हम उसमें जाने से घबराएं नहीं। मै राजनीति मेें नहीं थी उस समय उसे गलत मानती थी। लेकिन राजनीति में कुछ साल पहले एक घटना के बाद आई और सशक्त तरीके से राजनीति में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कहा कि बलिया के लोगों को गैर जनपदों में बागी और बलियाटिक शब्द से नवाजते है। लेकिन बलिया की बेटी होने पर मुझे बहुत गर्व है। बेटियों को हौसला देते हुए कहा कि बेटियां खूब पढ़े और खूब आगे बढ़े। इससे पूर्व उन्होंने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होने अलग-अलग क्षेत्र में दो बेटियों को उनके मेधा के लिए सम्मानित किया। इस मौके पर छात्राओं ने मार्मिक ढंग से एकांकी प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। इस मौके पर डा. स्वास्तिका पांडेय, डा. अमिता सिंह, डा. जनार्दन राय, श्रीप्रकाश, प्रधानाचार्य श्रवण सिंह, अरविंद सिंह चौहान, ज्ञानेंद्र कुमार पांडेय, श्रीमती कृष्णा पांडेय, भारती सिंह, गिरीश नारायण चतुुर्वेदी सहित विशिष्ट लोग मौजूद रहे। अंत में सकूल की प्रधानाचार्य उमा सिंह ने सभी अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया।