फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरकत में आया तहसील प्रशासन, बीएलओ को नोटिस जारी

विज्ञापन
विज्ञापन
बैरिया। जिले के वे गांव जो बिहार से सटे हैं में बिहार के निवासियों का नाम मतदाता सूची में शामिल होने की खबर का प्रशासन से संज्ञान लिया है। अमर उजाला के 14 मार्च के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद तहसीलदार राम नारायन वर्मा ने संबंधित बीएलओ को नोटिस जारी कर इस बाबत जवाब मांगा है और बिहार के निवासियों के नाम चिह्नित करने का निर्देश दिया है। इसे लेकर यूपी-बिहार दोनों तरफ के सीमावर्ती गांवों के मतदाताओं में खलबली मची हुई है। बताया जाता है कि सीमावर्ती गांवों के राजनीतिक लोगों द्वारा संबंधित बीएलओ की मिलीभगत से बिहार प्रांत के निवासियों को क्षेत्र के गांवों की मतदाता सूची में आजतक महफूज रखा गया है। हैरानी की बात है कि हर साल समय-समय पर मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। लोक सभा चुनाव को लेकर तो करीब एक साल से लगातार इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसके तहत नामों को सुधारने, अन्यत्र रहने वाले व मृतकों का नाम सूची से काटने के साथ ही नए मतदाता बनाने का काम किया जाता है। इसके बावजूद बिहार के सीमावर्ती गोपालनगर, रामपुर कोड़रहा समेत कई गांवों की मतदाता सूची में हजारों की संख्या में बिहार के वाशिंदों का नाम बतौर मतदाता अंकित है। यह मतदाता यूपी व बिहार दोनों जगह मतदान करते हैं। रेवती थाना क्षेत्र के गोपालनगर की मतदाता सूची में बिहार राज्य के जिला सारण के दुमाईगढ़ व फुलवरिया के करीब 250 निवासियों का नाम दर्ज है। जबकि इन मतदाताओं का नाम वहां की मतदाता सूची में भी है। इसी तरह रामपुर कोड़रहा, बाबू के डेरा, कृष्णानगर सहित आदि सीमावर्ती गांवों में भी बिहार के आरा, छपरा, भोजपुर के निवासियों का नाम दर्ज है।
विज्ञापन


मतदाता सूची में बिहार के मतदाताओं का नाम होने की जानकारी समाचार पत्र के माध्यम से हुई है। संबंधित बीएलओ से जबाव मांगा गया है, साथ ही बिहार के मतदाताओं को चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद रिटर्निग आफिसर से अनुमति लेकर ऐसे मतदाताओं का नाम सूची से बाहर किया जाएगा।
विज्ञापन

- विपिन कुमार जैन, उपजिलाधिकारी, बैरिया
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें