बलिया। उत्तर प्रदेश शासन के संयुक्त सचिव पी लाल ने तत्कालीन चिकित्सक नगरा, जिला प्रशासनिक अधिकारी सहित चार लिपिकों से गबन की धनराशि 25 लाख वसूली करने के लिए महानिदेशक परिवार कल्याण उत्तर प्रदेश को मार्च में ही आदेश दिया था। लेकिन आरोपियों से रिकवरी अब तक नहीं हुई।
संयुक्त सचिव ने 13 मार्च 2018 के आदेश में उल्लेख किया है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगरा के तत्कालीन प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रोशन सिंह पटेल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय बलिया में विभिन्न कर्मचारियों के एरियर देय का कोषागार से आहरण कर लिया। लेकिन संबंधित कर्मचारियों को वितरित नहीं किया। जिसकी जांच अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आजमगढ़ मंडल द्वारा कराई गई। जिसमें जांचकर्ता द्वारा 25,37,583 रुपये गबन पाया गया था। इस मामले में डॉ. रोशन सिंह पटेल व लिपिक राजानंद कार्यालय प्रभारी चिकित्साधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगरा, डिप्टी सीएमओ डॉ. पीके सिंह, लेखा लिपिक ओम नारायण तिवारी व अवधेश गुप्ता, सहायक लिपिक नीरज राय तथा जिला प्रशासनिक अधिकारी शेषमणि दोषी पाए गए। इस मामले के दोषी डिप्टी सीएमओ डॉ. पीके सिंह की मृत्यु हो चुकी है।
संयुक्त सचिव ने शासकीय क्षति की धनराशि की वसूली समानुपातिक रूप से तय करते हुए महानिदेशक, परिवार कल्याण को आदेश दिया था। जिसमें तत्कालीन प्रभारी चिकित्साधिकारी पीएचसी, नगरा डा. रोशन सिंह पटेल (संप्रति निलंबित), राजानंद, लिपिक कार्यालय प्रभारी चिकित्साधिकारी पीएचसी नगरा, लेखा लिपिक ओमनारायण तिवारी व अवधेश गुप्ता, सहायक लिपिक नीरज राय तथा जिला प्रशासनिक अधिकारी शेषमणि आदि सभी से चार लाख 22 हजार 930 रुपये वसूली करने का आदेश दिया है, जिसकी कुल धनराशि 25 लाख 37 हजार 583 रुपयेे है। लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी गबन के आरोपियों से सीएमओ द्वारा वसूली नहीं की गई। सीएमओ बलिया डॉ. एसपी राय एक सप्ताह पूर्व गबन के आरोपियों से रिकवरी करने का आदेश प्राप्त हुआ है। जिनसे रिकवरी करने के लिए उनके स्थानांतरित स्थान पर आदेश शीघ्र भेज दिया जाएगा।