बलिया। जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम के निर्देश पर गड़वार ब्लाक के अमडरिया गांव के कोटेदार के खिलाफ पूर्ति निरीक्षक ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। इसके अलावा जिला पूर्ति अधिकारी ने जांच में अनियमितता मिलने पर हनुमानगंज ब्लाक के शंकरपुर गांव के कोटे की दुकान को निरस्त कर दिया और दुबहड़ ब्लाक बघौली गांव के कोटे की दुकान को निलंबित कर दिया। गड़वार के ब्लॉक के अमडरिया गांव के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर बताया था कि कोटेदार की ओर से हर महीने खाद्यान्न का वितरण नहीं किया जाता है। डीएसओ ने मामले की जांच पूर्ति निरीक्षक संतोष कुमार यादव से कराई तो अनियमितता की पुष्टि हुई। डीएसओ ने बताया कि बार-बार चेतावनी के बाद भी कोटेदार की मनमानी नहीं रुक रही और कार्ड धारकों को परेशान होना पड़ता है। डीएसओ ने डीएम को रिपोर्ट भेजते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने की अनुमति मांगी। डीएम के निर्देश पर पूर्ति निरीक्षक संतोष कुमार यादव ने कोटेदार छांगुर वर्मा के खिलाफ गड़वार थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इसी तरह अनियमितता मिलने पर डीएसओ ने छह माह पहले हनुमानगंज ब्लॉक के शंकरपुर गांव के कोटे की दुकान को निलंबित करते हुए जांच के लिए दो सदस्यीय समिति बनाई थी। जांच में सामने आया कि कार्ड धारकों से अधिक मूल्य लिया जाता है और खाद्यान्न कम वितरित किया जाता है। अनियमितता मिलने पर डीएसओ ने शंकरपुर के कोटेदार लीलावती देवी के अनुबंध पत्र को निरस्त कर दिया। इसी तरह दुबहड़ ब्लॉक के बघौली गांव के ग्रामीणों ने डीएसओ से शिकायत की थी कि कोटेदार की ओर से समय से खाद्यान्न का वितरण नहीं किया जाता है और खाद्यान्न कम देकर अधिक मूल्य लिया जाता है। डीएसओ ने मामले की जांच एआरओ दिनेश कुमार से कराई और अनियमितता मिलने पर कोटेदार सुरेंद्र तिवारी की दुकान को निलंबित कर दिया।
विनय कुमार सिंह , जिला पूति अधिकारी बलिया ने बताया कि तीन कोटेदारों के खिलाफ जांच में अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की गई है। अमडरिया के कोटेदार पर मुकदमा दर्ज कराया गया है और शंकरपुर के कोटे की दुकान को निरस्त कर दिया गया है। बघौली के कोटे की दुकान को निलंबित किया गया है।