बलिया। राज्य ललित कला अकादमी की ओर से राजकीय बालिका इंटर कालेज परिसर में आयोजित तीन दिवसीय चित्रकला प्रदर्शनी का शुभारंभ बुधवार को किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेंद्र सिंह एवं विशिष्ट अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक अमरनाथ राय रहे।
मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. सिंह ने बच्चों का उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि कला सत्यम शिवम सुंदरम की अभिव्यक्ति है। उन्हाेंने कहा कि भृगु नगरी की धरती बहुत ही उर्वरा शक्ति वाली है। यहां की बागी धरती ने हर क्षेत्र में अपना विशेष योगदान देकर पूरे राष्ट्र को गौरवान्वित किया। साहित्य के क्षेत्र में हजारी प्रसाद द्विवेदी, राजनीति में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखर, बगावत में मंगल पांडेय, भृगु मुनि और कला के क्षेत्र में बलिया के बच्चों ने अपने हुनर का लोहा मनवाया है। भले ही कुछ लोग इस जनपद को पिछड़ा मानते हैं। लेकिन मैं इस जनपद को कभी भी पिछड़ा नहीं मानता। संसाधनों की कमी इस जिले है रही है। उन्हाेंने कला शिक्षक डा. इफ्तेखार खां के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक चाहे तो अपने शिष्यों को ऊंचाई के अंतिम छोर तक पहुंचा सकता है। उन्होंनेे चित्रकारी के क्षेत्र में अच्छा कार्य रहे शमशाद आलम इदरिशी, नौसाद अहमद अंसारी, लक्ष्मण प्रसाद, हरिशंकर, बुसरा शाहिन, सुभाषिनी सिंह के प्रयासों की प्रशंसा की। डीआईओएस अमरनाथ राय ने बच्चों की चित्रकारी और कला शिक्षक के परिश्रम को देखकर बोले कि परिश्रम से सब कुछ हासिल हो जाता है। जीजीआईसी की प्रधानाचार्या कुमुद श्रीवास्तव ने कहा कि जिसके अंदर कला नहीं है वो पशु के समान है। कला शिक्षक डा. खां ने बताया कि प्रदर्शनी गुरुवार तथा शुक्रवार को अपराह्न दो बजे से शाम साढ़े छह बजे जीजीआईसी के सभागार में आयोजित होगी। इस मौके पर पूर्व प्रधानाचार्य दुलेश्वरी राय, मेजर दिनेश सिंह, कलिम खां, डा. सुधीर सिंह, आशुतोष गुप्ता, सर्वेश पांडेय, क्षमा द्विवेदी, प्रवीण पांडेय, पल्लवी, दीपा गुप्ता, पूजा, गुलनाज, ईश्वर चंद्र, अशोक वर्मा आदि उपस्थित रहे।