बलिया। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में अब ग्राम पंचायतों की सूरत बदलेगी। पहले चरण में 206 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ प्लस करने के लिए चयन किया गया है। इन ग्राम पंचायतों को मॉडल बनाया जाएगा। इनमें कचरा प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए जाएंगे। शासन के निर्देश पर विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
जिले में 940 ग्राम पंचायतें है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत इन ग्राम पंचायतों में करीब तीन लाख पचास हजार शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है। अब शासन का ध्यान ग्राम पंचायतों से निकलने वाले कचरे की ओर है। ग्रामीण क्षेत्रों में निकलने वाले कचरे के लिए कोई ठोस इंतजाम न होने से यह कचरा इधर उधर बिखरा रहता है। इससे गांवों में जगह जगह गंदगी के ढेर नजर आते हैं। शासन ने ग्राम पंचायतों की सूरत बदलने की तैयारी शुरू कर दी है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज 2 के तहत पहले चरण में पांच हजार से अधिक आबादी वाले गांव में ठोस अपशिष्ठ, तरल अपशिष्ठ एवं मलीय कचरा को अलग करने के इंतजाम किए जाएंगे। जिले में 206 ग्राम पंचायतों को योजना के लिए चयनित किया है। इनमें 165 ग्राम पंचायतें पांच हजार से अधिक आबादी वाली है। जबकि शेष 41ग्राम पंचायतों की आबादी पांच हजार से कम है।