हल्दी। प्राथमिक विद्यालय बाबूबेल में मतदान कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर ग्राम प्रधान ने संतोष सिंह ने विद्यालय के कक्ष का निर्माण शुरू करा दिया है। शुक्रवार को उपजिलाधिकारी सदर अश्विनी कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम बाबूबेल पहुंची पहुंची और चुनाव से पहले निर्माण कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया।
ग्राम प्रधान संतोष सिंह ने चुनाव से पहले कक्ष का निर्माण कार्य पूरा कराने का भरोसा दिया है। ग्राम प्रधान ने शुक्रवार को ही देरशाम तक ईंट, बालू, सिमेंट व सरिया आदि मंगवा लिया और शनिवार को कक्षा का निर्माण कार्य शुरू करा दिया। जिला समन्वयक निर्माण सत्येन्द्र राय, खंड शिक्षाधिकारी नरेन्द्र कुमार समन्वयक को दिशा निर्देश दिया।
उल्लेखनीय है कि प्राथमिक विद्यालय बाबूबेल के निष्प्रयोज्य घोषित कक्ष को जेसीबी से गिराया जा रहा था कि इसी दौरान दुरुस्त कक्ष भी ध्वस्त हो गए थे। विभागीय सूत्रों की मानें तो बिना आदेश जेसीबी मशीन से भवन तोड़वा दिया गया। एसडीआई ने अप्रैल के पहले सप्ताह में केनरा बैंक मैनेजर को चिट्ठी लिखकर प्राथमिक विद्यालय बाबूबेल के प्रभारी प्रधानाध्यापक का वित्तीय अधिकार सीज कर दिया था। ऐसा उन्होंने क्यों किया, यह समझ से परे है। प्राथमिक विद्यालय हृदयचक के शिक्षक को भवन प्रभारी क्यों बनाया? अगर भवन प्रभारी बनाया भी तो बैंक खाता क्यों नहीं खुलवाया। एक माह पूर्व ही खाते में 7.44 लाख रुपये आए थे। ऐसे कई प्रश्न खंड शिक्षा अधिकारी व विभाग पर उठ रहे हैं।
उधर, प्राथमिक विद्यालय बाबूबेल के प्रबल समिति के अध्यक्ष शिवपूजन राम ने शुक्रवार को जिलाधिकारी को पत्रक देकर कहा है कि नौ अप्रैल को बीईओ ने जर्जर भवन के साथ ही दुरुस्त कक्ष और किचन को भी क्षतिग्रस्त करा गिरा दिया जबकि जर्जर भवन भी तोड़ने के लिए प्रबंध समिति द्वारा प्रस्ताव पास नहीं किया गया था। यह भी कहा गया कि विद्यालय के जर्जर भवन की एक दीवार 27 जनवरी को गिरी थी। इस मामले में प्रभारी प्रधानाध्यापक निलंबित हैं। जांच प्रक्रिया के दौरान साक्ष्य मिटाकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। जब विद्यालय पर शिक्षक थे तो अन्य विद्यालय से प्रभारी शिक्षक लाने की क्या जरूरत थी।