बलिया। रेवती थाना क्षेत्र के देवपुर मठिया में करीब ढाई साल पहले एक महिला की हत्या लाठी-डंडे से पीट-पीटकर कर दी गई थी। इस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश पंचम विशेष न्यायाधीश दयाराम की अदालत ने छह आरोपियों को दोषी पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा और दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
वादी जयनारायण पासवान ने रेवती थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया गया था कि गांव की एक लड़की जो कुछ दिन पहले भाग गई थी। आरोपियों ने वादी की पत्नी पर 20 दिसंबर 2015 को अपराह्न तीन बजे आरोप लगाते हुए मारने-पीटने लगे। गांव के तेजन पासवान, मकसूदन और शिववचन पासवान, राजा पासवान, रिंकू उर्फ किरण पासवान पत्नी तेजन पासवान, रमावती देवी पत्नी राजा पासवान और कौशल्या पुत्री राजा पासवान ने धुनिया देवी से गालीगलौज किया और उनके पिटने से धुनिया देवी मौके पर बेहोश हो गई। एंबुलेंस को फोन करके वादी अपनी पत्नी को सीएचसी रेवती ले गया। जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वादी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। एक आरोपी कौशल्या को पुलिस ने विवेचना के दौरान निकाल दिया। इस मामले में शेष आरोपियों के खिलाफ सुनवाई करते हुए न्यायालय ने अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता अनिल कुमार दूबे तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता दिनेश तिवारी की बहस सुनने के बाद अभियुक्तगण तेजन पासवान, मकसूदन और शिववचन पासवान और राजा पासवान तथा रिंकू उर्फ किरण पासवान पत्नी तेजन पासवान तथा रमावती देवी पत्नी राजा पासवान के खिलाफ दोष साबित पाया। सभी को सश्रम आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने की दशा में आरोपियों को एक-एक साल के अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी।
विवेचक के बयान से नाराज कोर्ट ने डीएम को लिखा पत्र
बलिया। इस मामले में विवेचक साक्षी तत्कालीन थानाध्यक्ष संजय सिंह के न्यायालय में गलत बयान देने पर कोर्ट से सख्त निर्देश जारी किया है। हत्या जैसे संगीन मामलों में विवेचनाधिकारी जैसे जिम्मेदार सरकारी कर्मचारी के कृत्य पर कार्रवाई लिए जिलाधिकारी के माध्यम शासन के मुख्य सचिव को पत्र लिखने का आदेश दिया है। इससे विवेचक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।