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राजकीय विद्यालयों पर नहीं लगे कैमरे, बजट का इंतजार

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बलिया। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल, इंटर की परीक्षा के मद्देनजर सभी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। लेकिन अभी भी कई स्कूलों में यह काम पूरा नहीं हो सका है। हालांकि प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक का दावा है कि वर्तमान में विभाग का फोकस निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर है और इसमें 80 फीसदी से अधिक परीक्षा केंद्र सीसीटीवी कैमरे से लैस हो चुके हैं, शेष भी एक सप्ताह के अंदर लैस हो जाएंगे।
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वर्ष 2018 बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से निर्धारित ऐप पर स्कूलों का ब्योरा फीड करने को कहा गया था। इसमें शौचालय, बाउंड्री वॉल तथा अन्य संसाधनों के अलावा सीसीटीवी कैमरे की भी जानकारी देनी थी। जिले में कुल 600 माध्यमिक विद्यालय हैं। इसमें राजकीय 30, एडेड 91 व नॉन एडेड (वित्तविही्) 479 विद्यालय हैं। बताया जाता है कि अधिकांश विद्यालयों ने डाटा फीडिंग में स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे होने की बात कही थी लेकिन सत्यापन में कईयों की कलई खुल गई थी। प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक की मानें तो परिषद की ओर से सभी स्कूलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश है लेकिन फिलहाल उनका फोकस जिले में बने 274 परीक्षा केंद्रों पर है। उन्होंनें बताया कि वर्तमान में चार राजकीय, 48 एडेड व चार वित्तविहीन स्कूलों पर सीसीटीवी कैमरा नहीं लग सके हैं। कहा कि एडेड व वित्तविहीन स्कूलों को स्वयं के स्रोत से सीसीटीवी कैमरे लगवाने हैं और राजकीय विद्यालयों में सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए बजट से लगाए जाएंगे। बताया कि सीसीटीवी कैमरा लगवाने का निर्णय शासन स्तर से लिया जाना है। कहा कि औसत 16 कैमरे के लिए करीब 80 से 90 हजार रुपये का व्यय होगा। हालांकि कुछ स्कूलों के प्रधानाचार्य इसे अच्छा कदम मानते हुए सीसीटीवी कैमरे लगवाने को तत्पर भी है। बतौर उदाहरण भरौली इंटर कॉलेज को देखा जा सकता है। प्रधानाचार्य कृष्ण बिहारी राय की ओर से कमरों के अलावा कैंपस में उंचाई पर कैमरा लगवाया गया है ताकि स्कूल के बाहर की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सके और परीक्षा की शुचिता बनाए रखा जाए।
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