बलिया। अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन के 75वीं वर्षगांठ पर गुरुवार को रंगकर्मियों तथा कलाकारों ने जुलूस निकाला। वरिष्ठ रंगकर्मी की अगुवाई में बांह पर काली पट्टी बांध कर रंगकर्मियों का जुलूस शहीद पार्क से चला और ओक्डेनगंज चौराहा होते हुए रेलवे स्टेशन पहुंचा। श्री सिंह ने कहा कि आठ अगस्त 1942 को बम्बई अधिवेशन में महात्मा गांधी ने अंग्रेजों भारत छोड़ो के साथ करो या मरो का नारा देते हुए आंदोलन प्रारंभ करने का प्रस्ताव पारित किया। नौ अगस्त को देश भर में गिरफ्तारी होने लगी। ग्वालिया टैंक मैदान बम्बई में अरुणा आसफ अली ने तिरंगा फहरा दिया। यह जानकारी होने पर 10 अगस्त को जिले के उमाशंकर, सरयू प्रसाद, बिहारी पटहेरा आदि ने टीन के भोंपू से ओक्डेनगंज चौराहा पर आंदोलन का ऐलान कर दिया। इसके बाद गवर्नमेंट स्कूल आदि के छात्र सड़क पर उतर गए। कहा कि बजहां की घटना के चलते काली पट्टी बांध कर जुलूस निकाला गया। इस मौके पर मोहन जी श्रीवास्तव, शैलेन्द्र मिश्रा, अविनाश कुमार सिंह, चंदन कुमार साहनी, डा. विजयानंद पांडेय, डा. जीसी मिश्र, विनय पांडेय, मणिनाथ तिवारी, अंशु सिंह, विपुल दुबे, विशाल तिवारी, गौरव श्रीवास्तव, डा. जनार्दन राय, आदि थे। उधर, राष्ट्रीय अधिवक्ता संघ के जिलाध्यक्ष अमित चौबे के नेतृत्व में चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के समक्ष कैंडिल जलाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर नीरज कुमार उर्फ गाटर चौधरी, सूरज कुमार तिवारी, छोटू यादव, शशांक यादव, सोनू सिंह, विकास, अजीत, आलोक, विक्की, सुधीर, मोनू यादव आदि थे।