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सुजानीपुर ग्राम सभा में रसोइयों के चयन में फंसा पेंच

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हल्दी। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय सुजानीपुर के ग्राम प्रधान, प्रधानाध्यापक सहित छह सदस्यीय रसोइया समिति ने रसोइयों का चयन प्रक्रिया मई माह में पूरा कर लिया था। मई महीने में छपे विज्ञापन के अनुसार शासनादेश व विभाग द्वारा तय मानक का ध्यान भी रखा गया। एक जुलाई से सभी चयनित रसोइया नियमित कार्य भी कर रही है। बावजूद इसके चयन प्रक्रिया पर एबीएसए सवाल खड़ा करते हुए ग्राम प्रधान से रसोइयों को हटाने के लिए दबाव बना रहे हैं। ग्राम प्रधान मुन्नी देवी ने डीएम और बीएसए को पत्र लिखकर अवतग कराया है।
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विकास खण्ड बेलहरी अन्तर्गत रेपुरा ग्राम सभा का पुरवा सुजानीपुर दो साल पहले तक था। पंचायत चुनाव के समय सुजानीपुर ग्रामसभा अस्तित्व में आई। यहां गांव की रसोइया समिति ने विज्ञापन के आधार पर मई माह में रसोइयों का आवेदन मांगा। रसोइया चयन समिति में शामिल सुजानीपुर के ग्राम प्रधान श्रीमती मुन्नी देवी, उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक मनोज पांडेय, प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजेश यादव सहित रसोइया समिति के सदस्यों ने चयन प्रक्रिया पूरी की। दोनों विद्यालयों पर कुल 13 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से सात को नियुक्त करना था। चयन समिति ने चार पुराने रसोइयों का पुर्नचयन कर लिया। वहीं और तीन नये रसोइया भी चयनित हुई थी। जिसमें शासनादेश के मुताबिक विधवा व परित्यक्ता को वरीयता देते हुए पात्रों का चयन किया गया।
चयन प्रस्ताव से लेकर कार्यवाही रजिस्टर आदि सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी बेलहरी को भेज गया था। ताकि विभागीय प्रक्रिया पूरा किया जा सके। ग्राम प्रधान के मुताबिक खण्ड शिक्षा अधिकारी बेलहरी ही चयन प्रक्रिया पर अंगुली उठा रहे है। बताया कि विभाग का कहना है कि पूर्व के रसोइयों को क्यों हटाया गया? चयन समिति द्वारा सुजानीपुर की रसोइयों को रखा गया है जबकि विभाग रेपुरा ग्राम सभा के सधवा रसोइयों को रखने पर आमादा है। खण्ड शिक्षा अधिकारी बेलहरी ने ग्राम प्रधान से जब कहा कि जब तक मामले का निस्तारण नहीं हो रहा है तब तक पुराने रसोइया से कार्य कराइए। इसके बाद ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी व बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर खण्ड शिक्षा अधिकारी की शिकायत की है।
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सवाल यह उठता है कि जब पुराने रसोइयों को ही रखना जरुरी है तो फिर प्रतिवर्ष विभाग विज्ञापन जारी कर नया आवेदन क्यों लेता है? अगर विभाग को ही चयन करना है तो फिर रसोइया चयन समिति का प्रस्ताव क्यों लिया जा रहा है?

कोर्ट
सुजानीपुर के विद्यालयों में रेपुरा की रसोइया काम करती थी। जो पहले से कार्य कर रही थी। उन्हीं को रखना चाहिए। नया प्रस्ताव नहीं करना चाहिए। पूर्व की रसोइयों ने उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र दिया है।
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अनिल कुमार, खण्ड शिक्षा अधिकारी बेलहरी
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