बलिया। स्कूलों के नए सत्र की शुरुआत होने वाली है। हालांकि अंग्रेजी माध्यम स्कूल तो 20 जून के बाद से ही खुलने लगे हैं। पहली जुलाई से सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में सत्र का संचालन शुरु हो जाएगा। करीब एक सप्ताह बाद शुरु होने वाले सत्र को लेकर प्राइवेट स्कूल संचालकों की ओर से तैयारी की जा रही है लेकिन परिषदीय स्कूल की व्यवस्था अस्त-व्यस्त है।
परिषदीय स्कूलों में छात्रों के लिए शासन की ओर से सभी तरह की सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए समय-समय शासन ने धन भी उपलब्ध कराया है लेकिन अधिकांश स्कूलों पर कई सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। सैकड़ों स्कूलों पर तो बिजली के कनेक्शन ही नहीं हैं। पेयजल के लिए स्कूलों पर लगे हैंडपम्प भी जहां-तहां खराब पड़े हुए हैं। सैकड़ों स्कूलों पर चहारदीवारी भी नहीं है। अब जबकि एक सप्ताह बाद ही नए सत्र की शुरुआत हो जाएगी लेकिन इसे दुरुस्त कराने को लेकर विभाग की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है। चाहरदिवारी के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने जरुर प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है।
140 स्कूलों पर हैंडपम्प हैँ खराब
बलिया। करीब एक माह पहले स्कूलों के बंद होने पहले करीब 140 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों की ओर से हैंडपम्प खराब होने की सूचना विभाग को दी गई है। विभागीय अधिकारी की मानें तो स्कूलों के खुलने पर इन हैंडपम्पों के मरम्मत आदि का काम कराया जाएगा। इसके अलावा स्कूलों पर पानी की टंकी की भी दशा भी खराब है।
1100 स्कूल हैं बगैर चाहरदिवारी के
बलिया। जिले में महज 375 स्कूलों पर कुल 39 हजार मीटर चहारदिवारी का निर्माण कराया गया है। जबकि 1100 स्कूलों पर एक लाख मीटर चाहरदिवारी के निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। बताया जाता है कि बने चहारदीवारी भी कई स्कूलों के टूट चुके हैं।
शौचालयों के निर्माण में गड़बड़झाला, हो रही जांच
बलिया। जिले में सर्वशिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों पर कुल 2505 शौचालयों का निर्माण कराया गया है। शौचालय बनाने का काम वर्ष 2013-14 में शुुरु हुआ। विभागीय अधिकारियों की मानें तो इस साल केवल दो यूनिट शौचालय निर्माण के लिए कुल एक लाख 40 हजार की धनराशि प्राप्त हुई। इसके अलावा वर्ष 2014-15 में 245 यूनिट शौचालयों के निर्माण के लिए एक करोड़ 71 लाख 50 हजार तथा वर्ष 2016-17 में 140 यूनिट शौचालय निर्माण के लिए 98 लाख की धनराशि खर्च की गई है। इसके अलावा स्वच्छता अभियान के तहत वर्ष 2014-15 में आरईसीएल (रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कारपोरेशन लिमिटेड) ने कुल दो हजार 43 यूनिट शौचालय का निर्माण कराया और इसी साल पावर ग्रिड ने भी 45 विद्यालयों पर कुल 73 यूनिट शौचालयों का निर्माण कराया। बेसिक शिक्षा विभाग का दावा है कि जिले के सभी स्कूल शौचालयों से संतृप्त हैं। लेकिन धरातल पर सच्चाई कुछ और ही है। हालांकि डीएम के आदेश पर शौचालयों के निर्माण की जांच शुरु हो गई है।