बलिया। रेवती थाना के परसिया गांव की यादव बस्ती में मुहर्रम के जुलूस को लेकर हुए विवाद में दोनों समुदाय के लोग एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
यादव बस्ती के लोगों ने आरोप लगाया कि जुलूस में शामिल 20 से अधिक युवकाें ने गोल बनाकर लाठी-डंडे से लैस होकर जोगी यादव व स्व. उमेश यादव के दरवाजे पर पहुंच कर गालीगलौज की थी। उनके लड़के को बाहर बुला रहे थे। रात होने के कारण सभी लोग घर में सो रहे थे। घर की महिला द्वारा सुबह आने की बात कहने पर दरवाजे पर खड़े वाहन का शीशा तोड़ दिया।
हो हल्ला सुनकर परिवार व आसपास के लोग जुट गए। दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। बड़े बुजुर्ग बीच बचाव कर रहे थे। उसी दौरान कोई कुछ समझ पाता तब तक भीड़ में किसी ने फायरिंग कर दी। इससे मौके पर भगदड़ मच गई। कई लोग गिर कर चोटिल हो गए। इसके बाद तीन राउंड गोली चलने की आवाज आई।
एक बुजुर्ग ने बताया कि टोला में पांच घर यादवों के हैं, किसी के पास बंदूक या तमंचा नहीं है। जुलूस में शामिल युवा लाठी, डंडा व अवैध हथियार लेकर आए थे। अवैध हथियार से फायरिंग करने के दौरान खुद घायल हो गए है। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
वहीं, घायल इंतजार अंसारी ने आरोप लगाया कि हमलोग कर्बला से लौट रहे थे तो यादव बस्ती में पहले से 10 से 12 की संख्या में युवक लाठी डंडा से लैंस होकर खड़े थे। हमलोगों को देखते ही गाली देते हुए पिटाई करने लगे।
महिला सहित चार लोगों की पिटाई का आरोप : कर्बला में ताजिया रखने के बाद खरिका गांव के ताजियादार लौट गए। लेकिन जुलूस में शामिल कुछ अराजकतत्व जोगी यादव के दरवाजे पर पहुंचकर मनीष यादव को बुलाने लगे। परिजनों की माने तो मनीष सोया हुआ था। उसके न आने पर युवक गाली गलौज करने लगे, ऐसा लग रहा था कि वह लोग नशे में है। घर में घुसने का प्रयास किया। विरोध करने पर डंडे व हॉकी से हमला कर दिया। घर में मौजूद उमरावती देवी, शनिचरी देवी, राहुल, सोनू आदि को पीटा दिया।
आठ वर्ष पूर्व ताजिया का जुलूस एक दिन बाद निकला था : रेवती कस्बे में वर्ष 2016 में मुहर्रम का जुलूस नहीं निकला था।
इसको लेकर काफी हो हल्ला हुआ था। तत्कालीन एसपी प्रभाकर चौधरी को सख्ती बरतनी पड़ी थी। बताया जाता है कि उस वर्ष दुर्गा विसर्जन व जुलूस एक ही दिन था। कस्बे में जिस रास्ते से ताजिया का जुलूस निकलना था, उस रास्ते में दुर्गा पूजा की सजावट के झालर लगे थे। ताजिया निकालने वालों ने झालर हटाने के लिए कहा।
दुर्गा पूजा समिति झालर हटाने से मान कर दिया। जिसके बाद मुहर्रम का जुलूस नहीं निकला। दूसरे दिन प्रशासन के समझाने-बुझाने के बाद दोनों पक्ष के मानने पर ताजिया उठाया गया।