बलिया। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) विनोद कुमार सप्तम की अदालत ने किशोरी के साथ दुष्कर्म मामले में दोषी राजकुमार यादव को 20 वर्ष की कठोर कारावास व एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थ दंड न देने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वादिनी मुकदमा स्वयं पीड़िता ने 25 अगस्त 2019 को थाना गड़वार पर शिकायती पत्र दिया कि आज से करीब एक वर्ष पूर्व मेरे पड़ोसी गांव का रहने वाला राजकुमार यादव पुत्र स्व. रामदास यादव निवासी बहादुरपुरकारी मेरे घर गाय का दूध लेने आता था। मुझसे कहता कि आप लोगों की गरीबी हालत देखकर मुझे मोह लगता है। एलआईसी का कागज बनवा देता हूं। वह मुझसे करीब एक साल से मोबाइल से बात करता था।
वह मुझे रतसड़ चट्टी पर बुलाता था और मुझे सौंदर्य प्रसाधन का सामान देता था। हाईस्कूल में पढ़ने जाती थी तो मुझे समोसा और सामान देता था। करीब 7 से 8 महीने पहले मेरी दादी खेत में चली गई थी। सुबह में राजकुमार मेरे घर आया था। मेरे घर में ही उसने दुष्कर्म किया। मुझे तब शादी करने का प्रलोभन देता था। मुझे एक पुत्री भी पैदा हुई जो करीब 7 माह की थी। इस घटना के बाबत थाना गड़वार पर मुकदमा दर्ज हुआ।
विवेचक ने आरोपी राजकुमार के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए मुकदमे का विचारण प्रारंभ किया। अभियोजन की तरफ से देव नारायण पांडेय विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के उपरांत आरोप सिद्ध पाया और 20 वर्ष की सश्रम कारावास व एक लाख के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।