बांसडीह। कोतवाली क्षेत्र के शिवरामपुर स्थित ससुराल से दो माह से लापता विवाहिता पुत्री की खोजबीन कर थक चुके परिजनों ने मुख्यमंत्री से लेकर पुलिस कप्तान तक अपनी पुत्री की संदिग्ध गुमशुदगी और स्थानीय पुलिस की मनमानी के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है।
शिवरामपुर निवासी महिला तेतरी देवी पत्नी रमेश राजभर ने अपने शिकायती पत्र में कहा कि उनकी पुत्री प्रियंका की वर्ष 2019 में देवडीह निवासी मनोज राजभर से शादी हुई थी। इसके कुछ दिन बाद से ही उनकी पुत्री को ससुरालवालों ने परेशान करना शुरू कर दिया था। इसी बीच बीते जनवरी में उसके सास ससुर द्वारा मारपीट कर घर से निकाल दिया गया था।
रोती हुई पुत्री उनके पास आई तो पिता द्वारा पुत्री के ससुराल के लोगों की मौजूदगी में पंचायत कर उसे दोबारा ससुराल भेजा गया था। इसके कुछ दिन बाद 13 फरवरी को पुत्री का फोन बंद हो गया। किसी अनहोनी की डर से अपने पति के साथ पुत्री की ससुराल पहुंची तो वहां वह नहीं मिली। उसके बारे में पूछताछ करने पर उसके ससुराल वालों ने झगड़ा कर भगा दिया और कहा कि तुम्हारी बेटी यहां नहीं है।
मामले को लेकर उसने बांसडीह कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की तो उसे वहां से यह कह कर लौटा दिया गया कि जाओ अपनी बेटी को पहले खोजो। इसके बाद भी वह कार्रवाई के लिए दौड़ती रही लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी बीच कुछ दिन बाद पुलिस ने उनकी पुत्री के पति द्वारा दी गई तहरीर उसकी गुमशुदगी दर्ज कर दी। पीड़िता अपनी पुत्री की तलाश में भटक रही है जबकि पुलिस उसे ही धमका रही है।