बलिया। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत भारत सरकार ने जिले के 20 अनुसूचित जाति बाहुल्य गांवों का चयन किया है। इन गांवों में विभिन्न योजनाओं से विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए शासन ने सर्वे रिपोर्ट मांगी है। प्रत्येक गांव के विकास के लिए भारत सरकार की ओर से 20 लाख की धनराशि मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए समाज कल्याण विभाग को नोडल बनाया गया है। शासन के निर्देश पर गांवों के सर्वें के लिए कुल 13 नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी की मानें तो योजना के तहत चयनित गांवों को विभिन्न विकास योजनाओं से संतृप्त किया जाना है। इसके तहत इन गांवों में गैप फीलिंग करने का मुख्य लक्ष्य है। सरकार ने माना है कि इन गांवों में पूर्व में कराए गए कई विकास कार्य या तो अधूरे हैं या फिर किसी कारण से शुरू ही नहीं किया गया। योजना के तहत प्रत्येक गांव को संतृप्त करने के लिए भारत सरकार की ओर से 20 लाख की धनराशि मुहैया कराई जाएगी। इस धनराशि से गांव में पूर्व के अधूरे कार्यों को पूरा करने के साथ ही जरूरत के अनुसार कार्य कराए जाएंगे। योजना के तहत भारत सरकार ने सेक (सामाजिक आर्थिक जातीय गणना) डाटा के आधार पर जिले के 20 अनुसूचित जाति बाहुल्य गांवों का चयन किया है और जिले के समाज कल्याण विभाग को नोडल विभाग तय किया है। शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने इन गांवों का सर्वे करने के लिए कुल 13 नोडल अधिकारियों की तैनाती भी कर दी है। सर्वे के बाद रिपोर्ट भारत सरकार को दी जाएगी और शासन के निर्देश पर इन गांवों को विकास कार्यों से संतृप्त किया जाएगा।
रसड़ा ब्लाक के सबसे अधिक चार गांव शामिल : बलिया। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत जो 20 गांव चयनित किए गए हैं उनमें रसड़ा ब्लॉक के सबसे अधिक चार गांव महतवार, सरैया, रजमलपुर और अखनपुरा शामिल हैं। इसके अलावा गड़वार के तीन गांव बलेजी, जिगनी व कामपुर, चिलकहर ब्लाक के तीन गांव गुरगुजपुर, रघुनाथपुर व गुरवा और मनियर के दो गांव बिजलीपुर व मरथीपुर चयनित किए गए हैं। सीयर ब्लाक के दो गांव चकहबसापुर और जमीन सिसैंड चयनित हैं। इसके अलावा छह ब्लॉकों के एक-एक गांव चयनित किए गए हैं। इसमें पंदह का हरिपुर, नवानगर का बलेसड़ी, नगरा का देवलवीर, हनुमानगंज का नरही, रेवती का माझा व सोहांव ब्लॉक का सहाबुद्दीनपुर गांव है।
20 बिंदुओं पर किया जाएगा सर्वे : बलिया। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत चयनित गांवों का सर्वें कुल 20 बिंदुओं पर किया जाएगा। इसमें प्रमुख रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल विकास, पेयजल, नाली, संपर्क मार्ग, पेंशन योजनाएं, बच्चे स्कूल जाते हैं या नहीं, ग्रामीणों के पास बैंक खाता है या नहीं, आधार कार्ड बना है या नहीं आदि हैं। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर भारत सरकार की ओर से गांवों को संतृप्त करने के लिए निर्देश जारी किया जाएगा।
कोट
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत जिले के दलित बाहुल्य 20 गांवों का चयन भारत सरकार ने किया है। इन गांवों के सर्वे के लिए जिलाधिकारी के अनुमोदन पर नोडल अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। बैठक कर सभी नोडल अधिकारियों को सर्वे के तरीके के बारे में जानकारी दी जाएगी। -तिलकधारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, बलिया