बलिया। अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम एवं विशेष मजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए न्यायालय तपस्या त्रिपाठी की अदालत ने पूर्व मंत्री नारद राय के नेतृत्व में एकत्र होकर प्रशासन विरोधी नारे लगाने व धमकी देने के मामले में शुक्रवार को सुनवाई करते हुए साक्ष्य के अभाव में नारद राय समेत 19 आरोपितों को बरी कर दिया है। साथ ही 20-20 हजार के दो-दो बंध पत्र व प्रतिभूति उतने ही धनराशि के व्यक्तिगत मुचलके व अंडरटेकिंग दाखिला करने पर रिहा करने का आदेश दे दिया।
उल्लेखनीय हैं कि कोतवाली थाना में दर्ज मुकदमा सरकार बनाम नारद राय के मामले में विशेष न्यायालय ने कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत चंद्रशेखर नगर निवासी पूर्व मंत्री नारद राय, डब्लू, अवधेश राय, शफी उल्लाह खान पप्पू, निसार, अजीमुल्ला, इमरान, जुबैर, रईस, जुनैज , मुन्ना, गुड्डू, सिराज , इसरार उर्फ नन्हे, सरफराज, अशफाक, जावेद कमाल उर्फ रासिद कमाल व जाहिद अली (बहेरी) को प्रशासन विरोधी लगाने व बिना परमिशन जुलूस निकालने के मामले में अभियोजन साक्ष्य में कमियों के वजह से बरी कर दिया। अभियोजन के अनुसार यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत 2 अप्रैल 2010 को सुबह 8:00 बजे घटित हुई थी। तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के तहरीर पर मंत्री समेत 19 के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत हुआ था। अभियोजन साक्ष्य कमजोर साबित हुआ परिणाम स्वरूप सभी आरोपी दोष मुक्त कर दिए गए।