जयप्रकाशनगर। राष्ट्रीय राजमार्ग 31 पर 15 किलोमीटर तक सड़क गड्ढे में तब्दील हो चुकी है जिससे बड़ी दुर्घटना होने की आशंका जताई जा रही है। बैरिया-माझा मार्ग पर बने गड्ढों के चलते आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। क्षेत्र के लोग कई बार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से सड़क की मरम्मत की मांग की। चक्का जाम भी किया। इसके बाद भी मरम्मत नहीं हुई।
एनएच 31 के बैरिया से मांझी तक सड़क इस कदर खराब है कि लोगों को जान हथेली पर लेकर ही सफर करना पड़ता है। इस मार्ग का मरम्मत नहीं होने के कारण आए दिन कहीं न कहीं हादसे होते हैं और कई लोग अपना जान गवां चुके हैं। हादसों पर करीब दर्जनों लोग विकलांग भी हो चुके हैं। फिर भी किसी को अब तक इस मार्ग के मरम्मत करवाने की सुधि नहीं है। एनएच 31 बैरिया-मांझी मार्ग एक ओर जहां पूरी तरह गड्ढे में तब्दील है। वहीं, दूसरी ओर इस मार्ग पर चलने वाले लाल बालू लदे ओवरलोड ट्रकें इस मार्ग को और ध्वस्त कर रहे हैं। जगह-जगह बने गड्ढों में आए दिन ओवरलोड ट्रकों के खराब होकर खड़ी हो जाने से यातायात प्रभावित होता है। राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
एक साल में नौ की गई जान : जयप्रकाशनगर। एनएच 31 बैरिया मांझी मार्ग एक वर्ष में कई हादसे हुए। 27 अप्रैल 18 को शिवन टोला मोड़ पर जगदीपिया देवी, छह जून को सोहन कुमार सिंह, 10 अक्तूबर को सुकठ यादव, 23 जुलाई को बलराम सिंह के डेरा के समीप अवधेश सिंह (50), तीन दिसंबर को जयप्रभा सेतु पर दूधनाथ तिवारी, जयप्रभा सेतु के समीप राजेश यादव, शिवन टोला चट्टी के समीप 27 जनवरी को संजय सिंह की सड़क हादसे में मौत हो गई। वहीं, बीते 10 मार्च को पटना निवासी कुमारी गजल व पार्थ की सड़क हादसे में मौत हो गई। 31दिसंबर 18 को हुए सड़क हादसे में घायल राजधन यादव व सुरेंद्र यादव जीवन आज भी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हैं। दो फरवरी को बबलू सिंह बुढ़वा पुल के पास घायल हुए जिनका इलाज आज भी चल रहा है। वहीं पटना निवासी कुमारी स्मिता, रोहन राय, गौरव, राहुल इसी मार्ग पर जिन्न बाबा स्थान के पास सड़क हादसे में घायल हुए और आज भी अपना इलाज करा रहे हैं। क्षेत्र के पूर्व शिक्षक श्रीनाथ सिंह नेताजी, छठू सिंह, विनीत सिंह, धर्मेंद्र सिंह, सेवानिवृत्त प्रोफेसर सुभाष सिंह, अधिवक्ता रुद्रदेव कुंवर आदि ने कहा कि बार-बार शिकायत के बाद भी इस मार्ग के मरम्मत को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
कोट
एनएच 31 वर्तमान में एनएचएआई के जिम्मे है। एनएच की मरम्मत व निर्माण की जिम्मेदारी उनकी ही है। इस संबंध में जिलाधिकारी के माध्यम से संबंधित विभाग को पत्र भेजकर मरम्मत कराने का प्रयास किया जाएगा।-विपिन कुमार जैन, उपजिलाधिकारी, बैरिया