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निजी विद्यालयों की मनमानी के खिलाफ सौंपा ज्ञापन

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बलिया। जिले के निजी विद्यालयों द़्वारा किताब तथा फीस के नाम पर लूटतंत्र कायम किए जाने के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता मनोज राय हंस के नेेतृत्व में जिलाधिकारी के प्रतिनिधि से मिला। इस दौरान विद्यालयों द्वारा प्रतिवर्ष पाठ्यपुस्तक, यूनिफार्म बदलकर अभिभावकों को खरीदने पर विवश करना, साथ ही बड़े पैमाने पर हर साल फीस बढ़ाना, किताबों पर टैग हटाकर बीस गुना ऊंचे मूल्य पर किताबें बेचने आदि मांगों को लेकर पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा। जिसमें आरोप लगाया गया कि सरकार के कड़े फरमान के बाद भी निजी विद्यालयों द्वारा कमीशन की किताबें बेचवाई जा रही है। विद्यालय के स्टाफ के वेतन दो हजार से दस हजार के बीच ही दिया जाता है, जबकि इससे अधिक का हस्ताक्षर कराया जाता है। एनसीआरटी की पुस्तकों को न लगाकर निजी प्रकाशक की पुस्तकें लगाई गई है। जिससे अभिभावकों और छात्रों का शोषण हो रहा है। मांग किया कि फीस वृद्धि तीन वर्ष में एक बार पांच फीसदी से ज्यादा नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावे निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाई जाय। इस मौके पर सोनू प्रसाद गुप्त, चंद्रमणि राय, जयप्रकाश मौर्य, अनुराग तिवारी, देवेंद्र नाथ मिश्र, गणेशानंद मिश्र, विनय मिश्र, अजीत कुमार कुशवाहा, नरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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