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नि:शुल्क एडमिशन लिया, फिर वसूल लिए पैसा !

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बलिया। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बावजूद राइट टू एजुकेशन एक्ट का जनपद के विभिन्न विद्यालयों में मखौल उड़ाया गया है। अभिभावकों की शिकायत के बाद जिलाधिकारी तथा सीडीओ के यहां से फाइल स्वीकृत होकर संबंधित स्कूलों में भेजी गई, जिसके तहत बच्चों का एडमिशन तो हुआ, लेकिन प्रबंधतंत्र ने नि:शुल्क की बजाय किसी न किसी बहाने से अभिभावकों से फीस के रूप में पैसा वसूले। ऐसा ही एक मामला नागाजी सरस्वती शिशु मंदिर भृगु आश्रम का सामने आया है, जहां नि:शुल्क की जगह अभिभावक से दाखिले के बाद अन्य मद में फीस वसूली गई है।
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केस:01
बैरिया तहसीली क्षेत्र के मधुवनी गांव निवासी ठाकुरजी मौर्य ने अपने दो बच्चे अमन मौर्य तथा आदर्श मौर्य का एडमिशन राइट टू एजुकेशन के तहत विष्णु बाबा पब्लिक कोटवा अस्पताल रोड बाबाधाम में कराया है। लेकिन ठाकुरजी का कहना है कि स्कूल प्रबंध उनके दोनों बच्चों के कक्षा एक में एडमिशन चार्ज बाबत (ट्यूशन फी से लेकर आइकार्ड सहित) में कुल 3180 रुपये वसूल लिए। ठाकुरजी द्वारा जब इस संदर्भ में प्रिंसिपल से पूछा गया तो उनका कहना था कि इतना लगेगा तभी हो पाएगा। अन्यथा आपके बच्चे का एडमिशन नहीं हो पाएगा।
केस: 02
बांसडीहरोड क्षेत्र के अनिल वर्मा अपने पुत्र राज वर्मा का एडमिशन कक्षा एलकेजी में राइट टू एजुकेशन के तहत बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के मझौली स्थित हैवन पब्लिक स्कूल में कराया था। आरोप है कि स्कूल प्रबंधतंत्र बावजूद उनसे 5700 रुपये वसूल लिए। इसका विरोध करने पर उनकी नहीं सुनी गई। मजबूरन अनिल ने पूरे घटनाक्रम की शिकायत जिलाधिकारी से की है, जहां से अभी तक न्याय नहीं मिला है।
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केस: 03
नागाजी सरस्वती शिशु मंदिर भृगु आश्रम भी राइट टू एजुकेशन का पालन किया और मुस्कान सिंह का कक्षा एक में दाखिला लिया। लेकिन मुस्कान के अभिभावक से स्कूल प्रबंध ने कुल 850 रुपये वसूल लिए। मुस्कान के अभिभावक का कहना है कि मेरे द्वारा इसकी शिकायत जिलाधिकारी से लगायत बीएसए से की गई है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
राइट टू एजुकेशन का पालन कराने के लिए विभाग कटिबद्ध है। स्कूलों में एडमिशन हो भी रहा है। बावजूद जिन स्कूलों ने अपने यहां एडमिशन लेने के बावजूद पैसा वसूल रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ही पैसा वापस कराया जाएगा।
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= संतोष कुमार राय, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी
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