बलिया। गेहूं की फसल तैयार हो गई है और जिले में गेहूं क्रय केंद्र खोलने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सरकार ने अबकी बार लागत का डेढ़ गुना कीमत दिलाने का वादा किया है। हालांकि इस बाबत जिले में कोई निर्देश नहीं पहुंचा है। लेकिन पिछले साल की अपेक्षा इस साल गेहूं खरीद के मूल्य में जरूर इजाफा किया गया है। जिले में विभिन्न संस्थाओं के कुल 68 गेहूं क्रय केंद्र खोले जाएंगे।
जिले में कुल एक लाख 38 हजार 100 हेक्टेयर भूमि में गेहूं की बोआई की गई है। जिला कृषि अधिकारी जेपी यादव की मानें तो वर्ष 2016-17 में जनपद में प्रति हेक्टेयर 40 कुंतल पैदावार हुई थी और इस साल गेहूं की फसल काफी अच्छी है और पैदावार में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि उत्पादन का निर्धारण क्रॉप कटिंग के बाद ही तय होगा लेकिन फसलों की स्थिति के आधार पर कहा जा सकता है कि इस साल छह लाख कुंतल से अधिक ही गेहूं के उत्पादन की उम्मीद है। किसानों के गेहूं की खरीद के लिए जिला प्रशासन की ओर से कुल 68 क्रय केंद्र खोलने की अनुमति दे दी गई है। जिला विपणन अधिकारी की मानें तो इसमें मार्केटिंग विभाग के 15, पीसीएफ के 38, एग्रो के चार, कर्मचारी कल्याण निगम के पांच, एनसीसीएफ व एफसीआई के तीन-तीन क्रय केंद्र खोले जाएंगे। डिप्टी आरएमओ की मानें तो जनपद में सभी क्रय केंद्र एक अप्रैल से संचालित हो जाएंगे और किसानों से प्रति कुंतल 1725 रुपये की दर से गेहूं की खरीद की जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले साल की अपेक्षा 100 रुपये अधिक मूल्य पर इस साल गेहूं की खरीद होगी। इसके अलावा तिलहन व दलहन खरीद के लिए अभी कोई निर्देश नहीं मिला है। यह भी बताया कि पंजीकृत किसानों के ही गेहूं क्रय करने का प्रावधान है लिहाजा अपना ऑनलाइन पंजीकरण भी करा लें। हालांकि जिन किसानों ने धान खरीद के दौरान अपना पंजीकरण कराया है, उन्हें पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं है। कहा कि गेहूं खरीद के बाबत शासन की ओर से अभी लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है और एक-दो दिनों में लक्ष्य भी तय हो जाएगा।