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आखिर कब बनकर तैयार होगा नगवां में राजकीय महिला महाविद्यालय

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दुबहर। भारतीय स्वतंत्रता के महापुरुष 1857 के प्रथम शहीद मंगल पांडे के पैतृक गांव नगवां में जनपद का एकमात्र राजकीय महिला महाविद्यालय का दस वर्षों में बनाकर आज तक स्थानांतरित नहीं किया गया। इससे विद्यालय में पढ़ने वाली लगभग पांच सौ से अधिक छात्राओं को मानक के अनुसार संपूर्ण शिक्षा नहीं दी जा रही है । इसको लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों सहित नागरिकों में काफी आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने अविलंब जिले के उच्चाधिकारियों को इस मामले का संज्ञान लेते हुए निर्माण एजेंसी पर आधे अधूरे कार्यों को पूर्ण करा कर विद्यालय को हस्तांतरित करने की मांग की है ।
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इस संबंध में मंगल पांडे के पैतृक गांव नगवां के प्रधान प्रतिनिधि विमल कुमार पाठक ने कहा कि 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने शहीद मंगल पांडे की मूर्ति अनावरण कार्यक्रम के आगमन पर इस गांव में महाविद्यालय संचालित करने की घोषणा की गई थी । जिसका भवन 2007 से बनना प्रारंभ हुआ । आज दस वर्ष बीत गए, लेकिन इसका संपूर्ण निर्माण नहीं हो पाया है। जबकि विद्यालय में 500 से अधिक छात्राएं महज एक दो कमरे में अध्ययन कर रही हैं। महाविद्यालय में प्रयोगशाला के साथ-साथ सभाकक्ष आदि का निर्माण भी करवाया गया है। संपूर्ण भवन को स्थानांतरित कर देने पर सभी विद्यार्थियों को लाभ होगा। जनाडी के ग्राम प्रधान घनश्याम पांडे ने कहा कि निर्माण एजेंसी पर जनपद के उच्चाधिकारियों को लगाम लगानी चाहिए । ताकि समय रहते निर्माण कार्य पूरा हो सके ।
उदयपुरा के प्रधान शमीम अंसारी ने कहा कि पूरे जनपद में बालिकाओं के लिए एक मात्र राजकीय महिला महाविद्यालय की घोषणा पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने नगवां गांव में की। जिससे क्षेत्र में बालिकाओं के शिक्षा के प्रति एक आस जगी लेकिन उस पर निर्माणाधीन एजेंसी पानी फेरने का काम कर रहा है। उन्होंने निर्माण में विलंब कर रहे लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की।
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घोड़हरा के प्रधान नफीस अख्तर ने कहा कि सरकार को बड़ी परियोजना लांच करते समय क्षेत्र के नागरिकों की एक निगरानी समिति की भी स्थापना कर देनी चाहिए, जो निर्माण कार्यों की प्रगति के साथ-साथ उनके निर्माण में प्रयोग होने वाली सामग्रियों की भी गुणवत्ता की जांच परख समय-समय पर करते रहें। साथ ही उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट प्रेषित करते रहें।
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