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अंधाधुंध बिजली कटौती से नाराजगी

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बैरिया। ओवरलोड की समस्या से जूझ रहे विद्युत उपकेंद्र बैरिया में पांच एमबीए की जगह 10 एमबीए का ट्रांसफार्मर लगा दिया गया है। जिससे ट्रांसफार्मर के ओवर लोड की समस्या तो समाप्त होती दिख रही है, लेकिन अब भी जर्जर तार की वजह से बार-बार तार टूटने की समस्या जस की तस बनी हुई है। हालांकि अधिशासी अभियंता ने आश्वासन दिया है कि दीनदयाल उपाध्याय योजना अंतर्गत ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि हो रही है, उसी तरह जर्जर तार भी जल्द बदले जाएंगे। वहीं एक सप्ताह से हो रहे अंधाधुंध बिजली कटौती से लोगों में नाराजगी है।
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जिले भर में बैरिया विद्युत सब स्टेशन का क्षेत्र बिजली बिल जमा करने में नंबर एक है। इसके बावजूद यहां के लोगों को समुचित बिजली आपूर्ति नहीं हो पाती। पिछले एक सप्ताह में कुल मिलाकर 20 से 25 घंटे ही बिजली की आपूर्ति हुई है। तीन दिनों तक द्वाबा के अधिकांश गांव पूरी रात अंधेरे में थे। बैरिया, जेपी नगर व दोकटी सभी फीडरों के दर्जनों गांव अंधेरे में थे। विभागीय कर्मचारियों ने बताया कि जब से बारिश शुरू हुई हैं। तब से दीघार विद्युत स्टेशन से ही बैरिया सब स्टेशन कि आपूर्ति बाधित हो गई थी। ब्रेक डाउन की वजह से लाइन बंद थी। पूरी रात दया छपरा, दूबे छपरा, दौलपतपुर , चकिया, जमालपुर, टेंगरही, पांडेयपुर, दोकटी, दलन छपरा, भगवानपुर सहित दर्जनों गांवों की आपूर्ति ठप्प थी। लोग उमस भरी गर्मी में लोग रात भर करवट बदलते रहे।
उधर, गुरुवार को बिजली इसलिए ब्रेक डाउन में रही क्योंकि पांच एमबीए को बदल कर उसकी जगह 10 एमबीए का ट्रांसफार्मर लगाया गया। सोमवार से गुरुवार तक तीन रात बिजली पूरी तरह गुल रही। गुरुवार की रात में बैरिया सब स्टेशन पर जेई व एसडीओ रात में 12 बजे तक विद्युत सब स्टेशन पर जमे रहे। सुबह दोपहर 12 बजे दिन में उसे दुरुस्त कर बिजली कि आपूर्ति शुरू हो सकी। बैरिया विद्युत सब स्टेशन कि असली समस्या जर्जर तार की हैं। बैरिया विद्युत सब स्टेशन के लगभग सभी गांवों व बाजारों में लगे बिजली के तार जर्जर स्थिति में है। जैसे ही आपूर्ति शुरू होती हैं किसी न किसी गांव के तार टूट कर गिर जाता हैं। ऐसे में बिजली की आपूर्ति ठप हो जाती हैं। उधर बिजली कर्मियों की मानें तो समस्या की वजह खंभों पर लगा चाइनीज इंसुलेटर भी हैं। बरसात में जब पानी इस पर गिरता हैं तो यह तार को पंचर कर देता हैं। सरकार गांवों को 18 घंटे बिजली की आपूर्ति करने का फरमान भले ही जारी कर दिया हैं। लेकिन उसका कोई असर बैरिया में देखने को नहीं मिल रहा हैं। प्रदेश के उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा बलिया के प्रभारी भी हैं। उनका हरेक महीने बलिया आना भी होता हैं। बावजूद इसके कम से कम द्वाबा क्षेत्र के बिजली आपूर्ति के मामले में स्थिति पहले से भी बद्तर हुई हैं। जर्जर तार गर्मी में बिजली के लोड से ऐसे टूट कर गिर रहे हैं जैसे पका हुवा आम पेड़ से टूट कर गिरता है। आलम ये हैं कि लगातार दो घंटे भी बिजली नहीं मिल पाती है। खास बात ये कि मेनलाइन का तार भी जर्जर हैं जो आये दिन टूटता रहता हैं। विभागीय जेई रतन लाल ने बताया कि बिजली के तार बदलने के लिये स्टीमेट बनाकर भेजा गया हैं। जल्द ही जर्जर तार बदलने कि प्रक्रिया शुरू कि जाएगी।
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