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सीमावर्ती कई गांवों में बिहार के निवासी बने हैं मतदाता!

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बैरिया। जनपद से सटे बिहार के गांवों के निवासी भी यहां के मतदाता सूची में शामिल हैं। ऐसे में ये मतदाता चुनाव में गणित को बिगाड़ने व बनाने में अहम रोल निभाते हैं। खास करके ये मतदाता प्रधानी के चुनाव में और भी ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं।
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हर साल समय-समय पर मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम में नामों को सुधारने, अन्यत्र रहने वाले व मृतकों का नाम सूची से काटने के साथ ही नए मतदाता बनाने का काम किया जाता है। इसके बावजूद यूपी व बिहार के सीमावर्ती गोपालनगर, रामपुर कोड़रहा समेत कई गांवों की मतदाता सूची में हजारों की संख्या में बिहार के वाशिंदों का नाम बतौर मतदाता अंकित है। यह मतदाता यूपी व बिहार दोनों जगह मतदान करते हैं। बतौर उदाहरण रेवती थाना क्षेत्र के गोपालनगर मतदाता सूची के क्रम संख्या 538 पर दर्ज श्रीमती पत्नी दहारी वोटर आईडी संख्या यूपी 43/225/0867206, क्रम संख्या 616 रामनरायन पुत्र शिवकुमार वोटर आईडी संख्या डीजेडएम 2814895, क्रम संख्या 631 मकसूदन पुत्र राजनरायन वोटर आईडी संख्या एओई 1637933, क्रम संख्या 632 मनोज पुत्र शिवजी वोटर आईडी एओई 0800136, क्रम संख्या 643 भरत पुत्र श्रवण वोटर आईडी यूपी/43/225/0867249, क्रम संख्या 658 राजकुमार पुत्र जीउत वोटर आईडी संख्या एओई 1528389, क्रम संख्या 659 सनीलाल पुत्र सुदामा वोटर आईडी संख्या डीजेडएम 2635647, क्रम संख्या 660 जीउत पुत्र सतन वोटर आईडी एओई 04222532 आदि 250 मतदाता बिहार राज्य के जिला सारण के ब्लाक मांझी अंतर्गत दुमाईगढ़ व फुलवरिया के वाशिंदे हैं। वहां की मतदाता सूची में भी इन मतदाताओं का नाम है। गोपालनगर निवासी रामबचन पासवान, ललन प्रसाद, श्रीराम यादव बताते है कि हमारे गांव के मतदाता सूची में करीब 250 से ऊपर मतदाता बिहार के वाशिंदे हैं। यह तो एक बानगी भर है, इसी तरह रामपुर कोड़रहा, बाबू के डेरा, कृष्णानगर सहित आदि बिहार के सीमावर्ती गांवों की मतदाता सूची में आरा, छपरा, भोजपुर के मतदाताओं का नाम दर्ज है।
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