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एनएच दुरुस्त नहीं, मरम्मत भी अधूरी

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बलिया। जुलाई में ही नौ करोड़ का टेंडर होने के बाद भी राजमार्ग की मरम्मत का काम पिछड़ा हुआ है। जहां-तहां गड्ढे में गिट्टी और डस्ट डालकर कोरम पूरा किया जा रहा है, जो वाहनों के आते-जाते सड़कों पर बिखर जा रहा है। सालों से इस मार्ग पर चलना दुश्वार हो गया था। जबकि राजमार्ग को दुरुस्त करने के लिए कुछ दिनों पहले हुई बैठक में डीएम व सांसद ने भी एनएचएआई के अधिकारियों को फटकार लगाई थी। जिले में एनएच 31 पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। करीब 80 किमी लंबी सड़क में से 90 फीसदी सड़क जगह जगह गड्ढे में तब्दील हो गई है। इन गड्ढों के कारण दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। कई जगह तो सड़क समझ में ही नहीं आती है। जिले में कोटवां नारायण से लेकर मांझी घाट तक राजमार्ग 31 की हालत काफी जर्जर है। बताया जाता है कि दो साल पहले गंगा व घाघरा की बाढ़ का पानी कई जगह राजमार्ग पर भी पहुंच गया, लेकिन बाढ़ समाप्त होने के बाद विभाग ने इसकी सुधि नहीं ली। बाढ़ का पानी लौटने के बाद इस सड़क पर यातायात शुरू होते ही सड़क जगह-जगह टूट गई। करीब डेढ़ साल पहले इस सड़क पर लेपन कार्य कराया गया, लेकिन जहां गड्ढे थे उसे दुरुस्त नहीं कराया गया। वैना, कपूरी, फेफना, नरहीं, नारायनपुर आदि गांव के आसपास तो सड़क पर चलना जोखिम भरा है। यही हाल राजमार्ग 31 बैरिया-मांझी मार्ग का है और इस मार्ग पर अनगिनत गड्ढे हैं। कई जगह तो सड़क दिखती नहीं है। मांझी घाट स्थित जयप्रभा सेतु के पास कई बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं।
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इनसेट...
गिट्टियां भी बढ़ा रही मुश्किलें
बलिया। एनएच 31 पर बने गड्ढे को भरने की कवायद ऐन बरसात से पहले शुरू की गई। इसके लिए जगह-जगह छोटी गिट्टी व मेटल डस्ट मिलाकर गड्ढों को भरने का काम किया गया। लेकिन बारिश होते ही डस्ट जहां पानी के साथ बह गया वहीं गिट्टियां बिखर कर सड़कों पर फैल गई। बरसात बीतने के बाद एक बार फिर जहां-तहां गड्ढों में गिट्टी व मेटल डस्ट भरा गया लेकिन यह भी नहीं टिक सका।
इनसेट...
गाजीपुर से लेकर मांझी तक राजमार्ग पर जगह-जगह बने गड्ढे की मरम्मत के लिए नौ करोड़ का टेंडर हो चुका है। बरसात के कारण उस समय काम नहीं हो सका, अब ठेकेदार की ओर से कार्य कराया जा रहा है। जल्द ही इस मार्ग को गड्ढामुक्त कर दिया जाएगा।
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नवीन मिश्रा
प्रोजेक्ट डाइरेक्टर, एनएचएआई, आजमगढ़
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