हल्दी (बलिया) । थाना क्षेत्र के परसिया गांव में रविवार की शाम भट्ठा के गड्ढे में डूबने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई थी। दोनों भाइयों की मौत के बाद पूरा परिवार सदमें में है। घटना से गमजदा ग्रामीणों ने मौत का सारा ठीकरा खनन माफियाओं व प्रशासन पर फोड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि खनन पर रोक के बावजूद खनन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से बाढ़ क्षेत्र में खनन माफियाओं का वर्चस्व कायम है।
परसिया गांव निवासी खेतिहर मजदूर दीनदयाल खरवार के पांच बेटियों के बीच दो भाई कृष्णा व श्यामू ही चिराग थे। लेकिन समय ने ऐसा क्रूरता दिखाया कि एक साथ दोनों दीपक बुझ गए। सोमवार को पूरे दिन शुभचिंतकों व रिश्तेदारों का तांता लगा रहा। दोनों बच्चों की मां रिंटू देवी गोद में आठ माह के अपनी मासूम को गोद में लिए अपलक निहारते जा रही हैतो कभी अचेत हो जा रही है। इसके अलावा यही हाल उसके बहनों का भी है। बहनों में दीपा, कनक 18, लाली व मीनू के बाद कृष्णा व श्यामू थे। सबसे छोटी बहन आठ माह की है। चारों बहनें हर क्षण रोते बिलखते ही रह रहीं हैं। लोगों ने कहा कि बाढ़ क्षेत्र होने के बाद भी प्रतिदिन क्षेत्र के किसी न किसी जगह खनन का काम चालू रहता है और विभाग आंखों पर पट्टी बांधे देखता रहता है। रविवार को जिस गड्ढे में बच्चे डूबे थे वहां भी पूर्व में जेसीबी से मिट्टी की खोदाई की गई थी। अगर खनन माफियाओं पर रोक नहीं लगी तो आगे भी कई लोगों की जाने जा सकती हैं।