जयप्रकाशनगर (बलिया)। चांददियर पंचायत के टोला फतेहराय गांव के उत्तरी छोर के निचले इलाके में मंगलवार की रात से घाघरा का पानी फैलना शुरू हो गया। नदी का जलस्तर यदि इसी रफ़्तार से बढ़ता रहा तो जल्द बाढ़ के पानी से पूरा गांव जलमग्न हो जाएगा।
विकास खंड मुरलीछपरा के घाघरा नदी के समीप स्थित ग्राम पंचायत चांददियर, इब्राहिमाबाद नौबरार के साथ ही गंगा किनारे स्थित कोड़रहा नौबरार पंचायत आजादी के बाद से ही बाढ़ का दंश झेलता चला आ रहा है। साथ जिला प्रशासन तथा जनप्रतिनिधि प्रतिवर्ष इन गांवों के बाशिंदों को आश्वासन की घुट्टी पिलाते रहते है। साथ ही बाढ़ के नाम पर लाखों, करोड़ों का आय व्यय होता है। इन लाख कवायदों के बाद भी आज तक इन गांव के बाशिंदों को बाढ़ से स्थाई निजात नहीं मिल सका। यदि जनप्रतिनिधियों तथा जिला प्रशासन का यही रवैया रहा तो इन गांवों के बाशिंदों को भविष्य में भी बाढ़ से निजात मिल पाना मुश्किल है। शोभा छपरा निवासी राजदेव सिंह, टोला रिशाल राय निवासी पिंटू सिंह, टोला फतेहराय निवासी भरत यादव, विनोद यादव आदि लोगों का कहना है कि करीब एक माह से जिला प्रशासन ने क्षेत्र में बाढ़ से निपटने के लिए पूरी मुस्तैदी का दावा कर रही है। लेकिन जमीन के हकीकत यह है कि चांददियर पंचायत के टोला फतेहराय गांव के उत्तरी छोर पर मंगलवार की देर रात घाघरा नदी अपनी दस्तक दे दिया है। लेकिन अब तक बाढ़ से संबंधित जिला प्रशासन का कोई नुमाइंदा कहीं भी दिखाई नहीं दे रहा है। जबकि घाघरा नदी के जलस्तर की वृद्घि का यहीं स्थिति रहा तो बहुत जल्द ही पूरा गांव जलमग्न हो जाएगा और पूर्व की स्थिति की तरह इस गांव के बाशिंदे गांव से सटे पुरानी रेलवे लाइन पर शरण लेने के लिए बाध्य हो जाएगे। ग्रामीणों की माने तो यह सिलसिला इनके साथ आजादी के बाद से अब तक प्रतिवर्ष बाढ़ और कटान का दंश झेलते आ रहे है। लेकिन अब तक आश्वासन के अलावा इनको बाढ़ से बचाने के लिए कोई स्थायी निदान नहीं किया गया है। तहसीलदार बैरिया गुलाबचंद्रा ने बताया कि जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत के निर्देशानुसार बाढ़ क्षेत्रों के लिए कर्मचारियों को नियुक्त कर दिया गया है। सभी बाढ़ चौकियों के लिए भी कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। गांव में बाढ़ आने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। इस गांव सहित पूरे क्षेत्र के लिए कर्मचारियों को एलर्ट कर दिया गया है। जिससे बाढ़ पीड़ितों को काफी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े।