बलिया। मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में प्रशासन की ओर से उदासीनता बरती जा रही है। इसके चलते नाम जुड़वाने के लिए लोग परेशान हो रहे। कहा जाए तो कार्य पूरी तरह कागजों तक सीमित है। अब तक मतदाता बनने के लिए मात्र 1265 ही आवेदन किए गए हैं।
निर्वाचन आयोग के निर्देश पर समय-समय पर मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम चलाया जाता है। इसके तहत निर्धारित तिथि तक 18 साल पूरा होने वाले नए मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करने के साथ ही संशोधन आदि का कार्य भी किया जाता है। वर्ष 2019 में लोकसभा का चुनाव होना है लिहाजा इस समय होने वाले मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम की महत्ता भी अधिक है। लेकिन इसके बावजूद इसको लेकर अधिकारियों से लेकर बूथ लेबल तक लापवाही बरती जा रही है। आयोग के निर्देश पर 26 से 30 दिसंबर तक मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया लेकिन अधिकांश बूथों पर बीएलओ गायब रहे। किसी भी अधिकारी की ओर से पुनरीक्षण कार्यक्रम का सत्यापन भी नहीं किया गया। कई बूथों पर बीएलओ तो पहुंचे लेकिन उनके पास पर्याप्त मात्रा में निर्धारित प्रारुप के फार्म नहीं थे लिहाजा लोग परेशान होते रहे।
31 दिसंबर को मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर विशेष अभियान चलाया गया और जिला मुख्यालय पर एडीएम ने इसका शुभारंभ भी किया लेकिन इसमें भी लापरवाही बरती गई। वर्तमान यह कार्यक्रम जारी है लेकिन गांवों से लेकर नगरीय इलाके तक के लोग मतदाता सूची में नाम शामिल कराने को लेकर परेशान है। जनपद में कुल सात विधान सभा क्षेत्र है और प्रत्येक विधान सभा में करीब पांच लाख मतदाता हैं। पांच दिनों तक चले कार्यक्रम व 31 दिसंबर को आयोजित विशेष अभियान में कुल 1265 लोगों ने सूची में नाम शामिल करने का आवेदन दिया है जिसमें टीेनेज वालों की संख्या 367 है जो पहली बार मतदाता बनेंगे। इसके अलावा कुल 873 मतदाताओं के नाम काटने, 126 मतदाताओं के नाम आदि में संशोधन करने के आवेदन दिए गए हैं। इस आंकड़े को ही देखें तो टीनेज के अलावा शेष 898 लोगों के नाम पूर्व में हुए पुनरीक्षण के दौरान सूची में शामिल क्यों नहीं हो सके?
इनसेट..
नगर निकाय चुनाव में सामने आई थी गड़बड़ी
बलिया। हाल में संपन्न हुए नगर निकाय चुनाव में भी मतदाता सूची पुनरीक्षण की पूरी पोल खुल गई। 25 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से गायब कर दिए गए वहीं कई जगहों पर दूसरे स्थान के लोगों के नाम सूची में शामिल होने को लेकर चुनाव के दिन जगह-जगह हो हल्ला मचा था। बताया जाता है कि हर बार मतदाता सूची दुरुस्त करने के काम में लापरवाही बरती जाती है।
कोट
मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है और इसके लिए सभी बीएलओ को निर्देश भी दिया गया है। सभी तहसीलों में मतदाता पंजीकरण केंद्र्र भी संचालित किए गए हैं और इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीएम को दी गई है। इसमें लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मनोज सिंघल
एडीएम, बलिया।