बलिया। नगर के मध्य शास्त्री नगर में स्थित करोड़ों की लागत से बनी लोहिया मार्केट जर्जर अवस्था में पहुंच गई है। 2005 में इसकी नींव रखी गई थी। ताकि यहां की दुकानें व्यापरियों को आवंटित कर व्यापार को बढ़ावा दिया जाए। लेकिन रखरखाव के अभाव में यह खराब हो रही। व्यापारियों को भी नहीं मालूूम कि आखिर इसका आवंटन कब होगा। कई सालों से कारोबारी लोहिया मार्केट में दूकान लेने के लिए प्रशासनिक अधिकारी सहित जनप्रतिनिधियों का चक्कर काट रहे हैं।
चार जून 2005 को तत्कालीन एवं वर्तमान नगर विकास मंत्री आजम खां, तत्कालीन नगर विकास राज्यमंत्री नारद राय, तत्कालीन राजस्व मंत्री अंबिका चौधरी के साथ ही राज्यसभा सांसद जनेश्वर मिश्रा की उपस्थिति में लोहिया मार्केट का शिलान्यास हुआ था। नगर के शास्त्री नगर में करीब पांच एकड़ जमीन पर बनने वाले इस मार्केट के निर्माण की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग से जुड़ी संस्था सी एंड डीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइनिंग सर्विसेज) को मिली थी। आठ करोड़ 80 लाख रुपये से बनने वाले लोहिया मार्केट का काम बसपा शासन में धन के अभाव में धीमा पड़ गया था। वर्तमान में हालात यह है कि मार्केट का 90 हिस्सा बन चुका है। लेकिन नगर पालिका की लापरवाही के कारण अब तक इसका आवंटन नहीं किया जा सका। नगर पालिका की माने तो संबंधित कार्यदाई संस्था द्वारा लोहिया मार्केट का कार्य पूरा नहीं किया गया है। इससे हैंडओवर नहीं लिया जा रहा है। जबकि व्यापारी आधे-अधूरे दूकानों को ही आवंटित करने की गुहार जनप्रतिनिधि से लेकर जिलाधिकारी से गुहार लगा चुके है। जबकि लोहिया मार्केट दरवाजा और फर्श के अभाव में अधर में लटका हुआ है। इस बाबत नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी डीके विश्वकर्मा ने बताया कि नवागत अध्यक्ष के शपथ के बाद बैठक कर लोहिया मार्केट की वास्तविक स्थिति जानने के बाद क्या कमी है। उस पर आगे की कार्रवाई कर आवंटित की जाएगी।
कारोबारी सुनील परख ने बताया कि लोहिया मार्केट की जब नींव रखी गई थी, तब बेरोजगार नौजवान को उम्मीद जगी थी कि रोजगार करने का अवसर मिलेगा। लेकिन नगर पालिका के उदासीनता के कारण लोहिया मार्केट अब तक मूर्त रूप नहीं ले सका। अगर लोहिया मार्केट की दूकानें आवंटित हो जाय तो सैकड़ाें बेरोजगारों को रोजगार करने का मौका मिलेगा और राजस्व का इजाफा भी होगा। व्यापारी रामायण मौर्या का कहना है कि अगर लोहिया मार्केट में बनी दूकानों का आवंटन हो जाय तो यह नगर का सबसे बड़ा मार्केट के रूप में जाना जाएगा और बेरोजगारों को रोजगार मिल जाएगा। लेकिन दूकान आवंटन किन कारणों से नहीं हो रही है। यह व्यापारियाें के समझ से परे है। कारोबारी हरीश शुक्ला ने बताया कि लोहिया मार्केट के नाम पर व्यापारियों को छलने का काम किया जा रहा है। लोहिया मार्केट लगभग 90 फीसदी बन कर तैयार है। लेकिन व्यापारियों को दूकान क्यों आवंटित नहीं की जा रही है। यह समझ से परे है। जबकि लोहिया मार्केट की नींव रखा एक दशक से अधिक हो गया है। दवा व्यापारी एवं बलिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के जिलाध्यक्ष आनंद सिंह का कहना है कि लोहिया मार्केट में बनी दूकानें दवा कारोबारियों के अनुकूल है। जिसके लिए दवा कारोबारी कई बार डीएम के माध्यम से सीएम सहित जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके है। लेकिन दूकान व्यापारियों को आवंटित क्यों नहीं हो रही है। यह समझ से परे है।