तहसील सभागार में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर फरियादियों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान डीएम ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं तथा मातहतों को प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इस मौके पर कुल 165 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए। इनमें दो का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष प्रार्थना पत्रों को निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को संदर्भित कर दिया। भूमि विवाद के मामले में डीएम ने एक सफाईकर्मी को निलंबित करने का आदेश दिया। डीएम ने संपूर्ण समाधान दिवस पर प्राप्त प्रार्थना पत्रों का निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का निर्देश दिया। अवराई कला निवासी मुसाफिर यादव ने विद्युत खंभे पर तार खींचने, शाहपुर अफगा के योगेंद्र यादव ने चक मार्ग पर जल निकासी, टिटिहां निवासी चिल्लर ने चकों का सीमांकन करा कर कब्जा दिलाने, तेलमा की उषा देवी ने स्वयं सहायता समूह की सदस्या को अनुशासन हीनता के आरोप में हटाने, असरेपुर के बंशबहादुर सिंह ने प्रधान द्वारा परिवार रजिस्टर में गलत तरीके से नाम इंदराज करने, खैरा खास के शंभू बिंद और मतऊ का पूरा निवासिनी लालमुनि ने अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग की। आसरा आवास के लाभार्थियों ने आवासों में विद्युत व जल आपूर्ति का मुद्दा उठाया। वार्ड नंबर सात निवासी श्रीकिशुन गुप्ता ने वृद्धावस्था पेंशन दिलवाने की मांग की। कड़सर की सुनीता ने गोंड को जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की। बहादुरपुर के बलदेव ने सार्वजनिक पोखरी की पैमाइश कराने का मामला उठाया। सरयाडीहू भगत के डॉ. शशिकांत त्रिपाठी ने भूमि की पैमाइश कराने की मांग की। इस मौके पर एएसपी दुर्गा प्रसाद तिवारी, एसडीएम एआर फारूकी समेत जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।