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राज्य भंडारण निगम के तत्कालीन प्रबंध निदेशक समेत पर तीन पर मुकदमा दर्ज

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बलिया। राज्य भंडारण निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक वाराणसी शिवप्रसाद की तहरीर पर चितबड़ागांव पुलिस ने राज्य भंडारण निगम के तत्कालीन प्रबंध निदेशक आलोक सिंह, तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक राज्य भंडारण निगम लखनऊ संजीव सक्सेना व ठेकेदार सतीश चौधरी उर्फ नागा के खिलाफ धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
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क्षेत्रीय प्रबंधक ने तहरीर में बताया है कि राज्य भंडारण निगम के गोदाम से खाद्यान्न ले जाने के लिए ई-टेंडरिंग हुई थी। इसका ठेका सतीश चौधरी उर्फ नागा को दिया जो निर्धारित दर से अधिक थी। ठेका होने के बाद कई ठेकेदारों ने कोर्ट की शरण ले ली थी। शासन की ओर से मामले की जांच प्रमुख सचिव सहकारिता से कराई थी। जांच में अनियमिता होने की बात सामने आई। इसमें आजमगढ़ मंडल के ई-टेंडरिंग प्रक्रिया और परिवहन एवं हैंडलिंग कार्य के लिए दोनों दोनों अधिकारी व ठेकेदार की मिलीभगत से भारतीय खाद्य निगम द्वारा निर्धारित शेड्यूल ऑफ रेट से कई गुना अधिक दर पर परिवहन एव हैंडलिंग का कार्य दिया गया है। तहरीर में बताया है कि शासन ने राज्य भंडारण निगम के प्रबंधक निदेशक आलोक सिंह को निलंबित कर दिया और क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव कुमार सक्सेना को प्रदेश मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। तहरीर में बताया कि इस तरह तीनों ने मिल कर करोड़ों का गोलमाल किया है। इस बाबत क्षेत्राधिकारी सदर अवधेश चौधरी ने बताया कि राज्य भंडारण निगम के प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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