जयप्रकाशनगर (बलिया)। क्षेत्र के चांददीयर ग्राम पंचायत के टोला फतेह राय गांव में घाघरा का पानी प्रवेश कर गया है। इसको लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ी हुई है। हालांकि इस गांव के किसान कटान व बाढ़ के पानी का दंश करीब एक पखवारे से झेल रहे हैं और इन्हें अब तक कोई सरकारी सुविधा मुहैया नहीं कराई गई है।
प्रदेश सरकार के अनुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष सुविधा मुहैया कराई गई है। लेकिन धरातल पर ऐसा कुछ भी यहां नहीं दिखाई दे रहा है। चांददीयर ग्राम पंचायत के किसान कटान व बाढ़ दोनों से परेशान हैं। आलम यह है कि घाघरा का जलस्तर बढ़ते ही टोला फतेह राय के पलटू नगर सहित कई छोटे टोले को घाघरा के पानी ने रविवार की देर रात से घेरना शुरू कर दिया है। खास बात यह है कि टोला फतेह राय गांव के उत्तरी छोर पर एक पखवारे से घाघरा का पानी आ चुका था। जिससे ग्रामीणों का आना जाना बंद हो चुका है। गांव के जिला पंचायत सदस्य मुन्ना पासवान, भुवाली गोंड, सुरेंद्र गोंड आदि ने बताया कि वह कई बार तहसील प्रशासन से नाव आदि की मांग कर चुके हैं लेकिन अधिकारी यह कह कर सुविधा नहीं दे रहे हैं कि गांव के जलमग्न होने की दशा में ही नाव देने का प्रावधान है। घाघरा के कटान व धीरे-धीरे गांवों में पानी के फैलाव से ग्रामीणों में चिंता और प्रशासन के रवैये को लेकर रोष भी है।
बाढ़ चौकियों पर नहीं रहते कर्मी
बैरिया। तहसील क्षेत्र में बाढ़ चौकियों पर कागजों में अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गयी है। लेकिन मौके पर कोई नहीं है। तहसील प्रशासन का कहना है कि गंगा व घाघरा नदी अभी उफान पर नहीं आई है। पानी बढ़ने पर अपने आप सभी अधिकारी व कर्मचारी ड्यूटी करने लगेंगे। तहसील क्षेत्र के गंगा नदी के बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए दुबेछपरा, दयाछपरा, नौरंगा, जगदेवा, मुरारपट्टी, शिवपुर कपूर दीयर, हृदयपुर ढाला, दलनछपरा आदि कुल नौ बाढ़ शिविर चौकी बनाई गई हैं। वहीं घाघरा नदी क्षेत्र में दतहां, नौकागांव, गोपालनगर, रामबालक बाबा, बकुल्हा रेलवे स्टेशन, चांददीयर, इब्राहिमाबाद नौबरार कुल सात जगह बाढ़ शिविर चौकी बनाई गई है। प्रत्येक बाढ़ चौकी पर लेखपाल, चिकित्सक को मिलाकर पांच लोगों की ड्यूटी लगी है। लेकिन मौजूदा समय में किसी भी बाढ़ चौकियों पर कोई भी अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित नहीं रहते। जबकि घाघरा के बशिष्ठनगर नाला में एक छोटी नाव व देवपुर मठिया में एक छोटी नाव कुल दो छोटी नाव लगाई गई है। इस बाबत तहसीलदार बैरिया गुलाब चंद्रा ने कहा कि बाढ़ चौकियों पर मुस्तैदी से ड्यूटी करनी है, जांचोपरांत दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।