बलिया। जिले में शासनादेश के विपरीत राज्यमार्गों पर निजी यात्री वाहनों का परिचालन किया जा है। जबकि शासन का सख्त निर्देश है कि किसी भी राजमार्ग पर निजी यात्री बस तथा मैक्सी कैब आदि को संचालित करने के लिए परमिट नहीं दिया जाता है। फिर भी अधिकांश राजमार्गों पर यात्री वाहनों को अवैध रुप परमिट लेकर संचालित किए जा रहे है। जिससे रोडवेज के राजस्व को हर साल करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। विभागीय सूत्रों की मानें तो किसी भी राजमार्ग पर निजी यात्री वाहनों को परमिट नहीं दिया जाता है। लेकिन जनपद में यह खेल काफी लंबे समय से चल रहा है। ये वाहन संचालक अपने वाहनों का परमिट मैक्सी कैब, टैक्सी कैब व बस का प्राइवेट मार्गों का परमिट ले लेते है। जबकि उन्हें परमिट देते समय यह कहा जाता है कि किसी भी दशा में वे राज्यमार्ग पर अपने वाहनों को यात्री ढोने के लिए न संचालित करें। ऐसा करने पर उनके खिलाफ विभाग की ओर से भारी जुर्माना लगाया जाता है। इसके बाद भी निजी बसों का बलिया से गाजीपुर, गोरखपुर, आजमगढ़, मऊ और वाराणसी से बलिया तक का परिचालन किया जा रहा है। यही नहीं जनपद से झारंखड के टाटा, रांची तथा बिहार प्रांत के सिवान, पटना के लिए भी अवैध रुप से बसें चलाई जा रही है। जिससे यूपी, बिहार के परिवहन राजस्व को चूना लगाया जा रहा है। यही नहीं जनपद के सभी मार्गों पर अवैध रुप से टैक्सी तथा मैक्सी कैब संचालित किए जा रहे हैं। इसीलिए जनपद में दिन प्रतिदिन रोडवेज बसों की आमदनी घट रही है। प्राइवेट मार्गों पर भी जीप टैक्सी और कमांडर चलने से निजी बसों की कमाई नहीं हो पाती है। जिसके चलते लोग अपने बसों को इन मार्गों से हटाकर राज्यमार्ग पर चलाना मुनासिब समझते है।