बलिया। दलित, आदिवासी, पिछड़ा, मुस्लिम, गरीब मजदूर, किसान व मध्यम वर्ग विरोधी, जातिवादी, साम्प्रदायिक व पूंजीवादी नीतियों का पर्दाफाश करने के लिए आजमगढ़ जिले के रानी सराय में आगामी 24 अक्तूबर को बसपा द्वारा आयोजित महासम्मेलन प्रदेश व देश की नई दिशा तय करेगा, बल्कि केंद्र व प्रदेश सरकार के पतन की इबारत भी लिखेगा।
यह बातें पूर्व मंत्री व बसपा नेता अंबिका चौधरी ने रविवार को पीडब्लूडी के डाक बंगले में पत्रकारों के समक्ष कही। कहा कि आजमगढ़ में आयोजित महासम्मेलन ऐतिहासिक होगा। जिसमें जनपद के प्रत्येक विधान सभा से 10-10 हजार कार्यकर्ता शामिल होंगे। कहा कि पूरे प्रदेश में छह स्थानों पर महासम्मेलन होना है। जिसके क्रम में आजमगढ़ में दूसरा महासम्मेलन है। जिसमें आजमगढ़, वाराणसी व गोरखपुर मंडल के नेता और कार्यकर्ता प्रतिभाग करेंगे। इसके पूर्व पहला सम्मेलन में मेरठ में संपन्न हो चुका है। श्री चौधरी ने कहा कि बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती 18 नवंबर को सहारनपुर में दलितों पर हुए अत्याचार की घटना को देश की सबसे बड़ी पंचायत में उठाना चाहती थी। लेकिन साजिश के तहत भाजपा सरकार के मंत्रियों ने उन्हें बोलने नहीं दिया। जिससे मजबूर होकर बहन मायावती ने आवेश में नहीं, बल्कि नैतिकता के आधार पर अपना इस्तीफा दे दिया था। मायावती के अपमान को लोकतंत्र में आस्था रखने वाले दलित समाज के लोग आज तक नहीं भूल सकें। समय आने पर जनता पूरी ताकत के साथ केंद्र व प्रदेश की सरकार को उखाड़ फेंकेगी। प्रदेश सरकार पर वार करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमरा गई है। प्रत्येक जगह चोरी, लूट, छिनैती, हत्या के साथ ही दंगे हो रहे है। जिसका जीता जागता उदाहरण सिकंदरपुर व रसतर है। जिस पर पर्दा डालने विकास के मुद्दों से भटकाने का काम कर रही है। इनका काम केवल नफरत फैलाना है। जिसे जनता अब जान चुकी है। एक सवाल के जवाब में बताया कि बसपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बलिया संसदीय क्षेत्र का प्रभारी नियुक्त कर भेजा है। जिनके आदेश के क्रम में बलिया संसदीय क्षेत्र से तैयारी चल रही है। उन्होंने पूर्व मंत्री, बसपा नेता व कार्यकर्ताओं से आगामी 24 अक्तूबर को आजमगढ़ में होने वाले महासम्मेलन में अधिकाधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया।