बैरिया। पुत्र की दीर्घायु और मंगलकामना के लिए महिलाएं आज जिउतिया व्रत रखेंगी। महिलाओं के लिए यह कठिन व्रत होता है, जिसमें वह निर्जला व्रत रहती हैं। व्रत की पूर्व संध्या पर मंगलवार को महिलाओं ने घरों में ओठगन, ठेकुआ बनाया तथा उसका सेवन किया। इसके बाद बुधवार को जिउतिया भगवान की पूजा अर्चना कर पूरे दिन निर्जला व्रत रहेंगी। खास कर जिउतिया व्रत पूर्वांचल और बिहार के ज्यादातर इलाकों में मनाया जाता है।
बताया जाता है कि पूर्व के समय में सिर्फ पुत्रों के लिए महिलाएं व्रत रखती थी, लेकिन वर्तमान में महिलाएं अपनी पुत्रियों के लिए भी जिउतिया का व्रत रखने लगी हैं। जिउतिया पर महिलाएं नए वस्त्र पहनती हैं तथा दिनभर व्रत रहने के बाद शाम में जिउतिया की कथा सुनती हैं। मान्यता है कि जिउतिया व्रत श्रद्धा के साथ करने से महिलाओं के पुत्रों की आयु लंबी होती है तथा उनपर आने वाला संकट भी छट जाता है।