हल्दी (बलिया)। योगी सरकार के फरमान के बावजूद इलाके की कई सड़केें निर्धारित समय सीमा में गड्ढामुक्त नहीं हो सकेंगी। आलम यह है कि अधिकांश सड़कों पर तो काम शुरु नहीं है, जबकि समय सीमा समाप्त होने में महज एक सप्ताह बचा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 31 से जोड़ने वाली सीताकुण्ड-चैनछपरा मार्ग को गड्ढामुक्त करने के लिए अभी तक काम शुरू नहीं किया गया है। इस सड़क की हालत इस कदर खराब है कि सड़क पर गड्ढे नहीं बल्कि गड्ढे में सड़क है। इस मार्ग पर चलना काफी दूभर है और वाहन संचालक भी इस मार्ग पर चलने से परहेज करते हैं। बताया जाता है कि इस सड़क की कुल लम्बाई तीन किलोमीटर है और इसका निर्माण करीब तीन साल पहले कराया गया था।
लाखों की लागत से बनी यह सड़क महज दो साल बाद ही टूटनी शुुरु हो गई और आज पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। कई जगह तो सड़क पूरी तरह कट गई है। इस मार्ग से आधा दर्जन गांवों के लोग एनएच तक पहुंचते हैं। इसके अलावा इन गांवों के लोग गंगा घाट तक जाने के लिए भी इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा चैनछपरा से राजपुर एकौना जाने वाली सड़क भी लगभग एक साल पहले ही बनी थी लेकिन घटिया स्तर के कार्य कराए जाने के कारण सड़क पूरी तरह गड्ढे में तब्दील हो चुकी है।
एक हजार 300 मीटर लम्बी इस सड़क पर हाईस्कूल है और मार्ग खराब होने के कारण आमलोगों के साथ ही छात्रों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हल्दी बाजार से हल्दी पश्चिम टोला जाने वाली सड़क लगभग चार साल पहले बनी और एक साल बाद ही पूरी तरह टूट गई। आलम यह है कि बीते तीन सालों से इस गड्ढायुक्त सड़क पर लोग चलने को मजबूर हैं। क्षेत्र के बबूरानी, नेमछपरा, हासनगर, नवका गांव आदि जाने का माध्यम मात्र यही सड़क है।
यही हाल सोनवानी बाजार से लाखपुर होते हुए मुड़ाडीह, कृपालपुर से बबुआपुर मठिया होते हुए भरखोखा सड़क का भी है। हरिहरपुर मेन रोड से जवही गांव में जाने वाली 500 मीटर लम्बी सड़क लगभग 15 साल से गड्ढे में तब्दील है। बाढ क्षेत्र होने के कारण पिच का कहीं नामों निशान तक नहीं है। बहादुरपुर मेन रोड से हरिजन बस्ती जाने वाली सड़क सड़क 15 साल पहले बनी थीं जो सालों से खस्ता हालत में है। हैरानी की बात है कि योगी सरकार के फरमान के बावजूद इन सड़कों पर काम तक शुुरू नहीं किया गया है।