बलिया। चक्रवात तूफान दो दिन बीत जाने के बाद भी कई क्षेत्रों में अभी भी बिजली व्यवस्था बेपटरी है। सबसे ज्यादा दुबहर, सुखपुरा व तीखमपुर फीडर से जुड़े 16 से अधिक गांवों में है। बिजली विभाग के कर्मचारियों के प्रयास के बाद भी टूटे खंभे अभी भी खड़े हो रहे हैं। वहीं, टूटे तार जोड़े जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी बिजली निगम ने सुध नहीं ली।
अंधेरे के कारण रात में लोगों को परेशानी हो रही है, वहीं पानी की किल्लत भी बढ़ गई है। पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान ने तीन दिनों तक जिले में जमकर तबाही मचाई थी।
बिजली व्यवस्था को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया था। अभी शहर क्षेत्र में हर एक घंटे पर दस मिनट की ट्रिपिंग का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह सिलसिला सुबह से लेकर रात 12 बजे तक चालू रहता है। इससे उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ जा रही है।
बिजनेस प्लान में 31 करोड़ रुपये अवमुक्त, फिर भी समस्या जस की तस : बलिया। शासन ने 2026-27 के बिजनेस प्लान के तहत जिले के लिए 31.10 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है। इस धनराशि से जर्जर तार और पोल बदलने के साथ ही ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाने की कवायद शुरू हो गई है। इसके बाद भी आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हुई है। इस नए बिजनेस प्लान में बलिया नगर, रसड़ा, बांसडीह, बैरिया और सिकंदरपुर क्षेत्र में सबसे अधिक काम प्रस्तावित हुए हैं। इस धनराशि से 200 से ज्यादा जर्जर खंभे बदले जाएंगे, जबकि करीब 150 किलोमीटर एबी केबल बिछाया जाने का काम शुरू हो गया है। इसके अलावा 80 नए ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे और 120 ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
बिजनेस प्लान में 31 करोड़ रुपये अवमुक्त, फिर भी समस्या जस की तस
बलिया। शासन ने 2026-27 के बिजनेस प्लान के तहत जिले के लिए 31.10 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है। इस धनराशि से जर्जर तार और पोल बदलने के साथ ही ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाने की कवायद शुरू हो गई है। इसके बाद भी आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हुई है। इस नए बिजनेस प्लान में बलिया नगर, रसड़ा, बांसडीह, बैरिया और सिकंदरपुर क्षेत्र में सबसे अधिक काम प्रस्तावित हुए हैं। इस धनराशि से 200 से ज्यादा जर्जर खंभे बदले जाएंगे, जबकि करीब 150 किलोमीटर एबी केबल बिछाया जाने का काम शुरू हो गया है। इसके अलावा 80 नए ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे और 120 ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। चक्रवात तूफान के बाद से भी बिजली विभाग के कर्मचारी की मनमानी से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सप्लाई व्यवस्था के बाद ट्रिपिंग की समस्या को दूर नहीं कर पा रहे हैं। - जयदीप चौबे, काशीपुर
चार दिनों से अंधेरे में रहने को मजबूर हो गए है। कुछ देर के लिए सप्लाई आई तो फिर कट गई। फाल्ट पर फाल्ट की समस्या आ रही है। इसका स्थाई समाधान नहीं किया जा रहा है। - विपुल कुमार पाण्डेय, काशीपुर
चक्रवात तूफान से बिजली के तार टूटने व खंभे उखड़ने की अधिक घटनाएं हुई थी। इस दौरान बिजली निगम का करीब 25 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। धीरे-धीरे सप्लाई व्यवस्था ठीक हो गई है। बिजनेस प्लान के तहत तारों को बदलने का कार्य शुरू हो गया है। - इं. प्रदीप वर्मा, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण निगम।