जयप्रकाशनगर। वायु सेना का ्िवमा एएन 32 दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना में जान गंवाने वाले लीडिंग एयर क्राफ्ट मैन सूरज सिंह का पार्थिव शरीर शनिवार को गांव नहीं पहुंचा।विमान हादसे में सूरज की मौत की सूचना के बाद से परिजन और गांव के लोग उनका अंतिम दर्शन करने के लिए टकटकी लगाए हुए हैं।
गांव के मंदिरों सहित सार्वजनिक स्थलों पर गांव के बुजुर्ग और नौजवानों की टोली सूरज के कुशल व्यवहार की चर्चा कर रहे हैं और उनके पार्थिव शरीर के दर्शन करने के इंतजार में हैं। वहीं, उनके माता-पिता व पत्नी की हालत दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है। पिता तो अपने दिल पर पत्थर रखकर अपने पुत्र के पार्थिव शरीर के आने के इंतजार में मुख्य गेट की तरफ टकटकी लगाए हुए हैं। मां की हालत बयां करने योग्य नहीं है। उधर, पत्नी को शनिवार को पति की ौत की जानकारी मिलते ही बेसुध हो गई। होश आने पर सूरज की खोज में लग जा रही है। पत्नी शालू को जब से विमान गायब होने की सूचना मिली थी, तब से वह ठीक से खा पी नहीं रही है और गुमशुम बैठी रहती है।
सूरज के छोटे भाई प्रिंस सिंह ने मोबाइल पर बातचीत के दौरान अमर उजाला को बताया कि जहां विमान का मलवा मिला है। वहां के टीम के एयरफोर्स के स्क्वाडन लीडर अभिमान्य द्वारा जोरहट सेंटर पर उपस्थित परिजनों को पल-पल की जानकारी दी जा रही है। उनके द्वारा बताया गया कि तूफानी बारिश हो जा रही है। इसके कारण शहीदों के पार्थिव शरीर को लाने में अड़चनें आ रही है। मानसून ठीक होते ही शहीदों के पार्थिव शरीर को जोरहाट सेंटर पहुंचाया जाएगा। वहां से विभागीय औपचारिकता पूरा करने के बाद उनके पैतृक गांव के लिए भेजा जाएगा।