दुबहड़। क्षेत्र के घोड़हरा प्राथमिक विद्यालय के नजदीक फुलवारी में कृषि विभाग बलिया के तत्चावधान में द मिलियन किसान पाठशाला के अंतर्गत चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन गुरुवार को हुआ। चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को खेती बारी से संबंधित आधुनिक एवं वैज्ञानिक गुर सिखाए गए।
प्राविधिक सहायक एवं कृषि विशेषज्ञ जय सिंह ने किसानों को विभिन्न प्रकार के फसलों विशेषकर खरीफ फसलों की तैयारी के अंतर्गत- भूमि प्रबंधन, खरीफ फसल उत्पादन, प्रजातियों एवं उसके प्रभावी बिंदुओं, धान की नर्सरी की तैयारी एवं जैविक खेती कृषि विविधीकरण के अंतर्गत- पशुपालन, उद्यान एवं मत्स्य पालन संबंधित जानकारी, गन्ना फसल से संबंधित जानकारी दी। इसके अलावा कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न प्रकार की योजनाओं एवं कृषकों को प्रदत्त सुविधाओं, किसानों की आय दोगुनी करने के उपाय के अंतर्गत- अधिक उत्पादन बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने, मूल्य संवर्धन एवं लाभकारी विपणन, फसल सुरक्षा एवं जल प्रबंधन के अंतर्गत-खरीफ फसलों में लगने वाले विभिन्न प्रकार के कीटों एवं रोगों, कृषि रक्षा रसायन प्रयोग संबंधी महत्वपूर्ण बिंदुओं, प्रतिबंधित रसायन सूचियों एवं जल प्रबंधन आदि के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी प्रदान की।
कहा कि किसान यदि खेती-बारी के प्रति जागरूक होकर कृषि विभाग के सहयोग से आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीक का प्रयोग करें तो वह बहुत कम समय में ही कृषि उद्यमी बन सकता है। इस मौके पर उपस्थित सभी किसानों को खेती बारी से संबंधित बुकलेट भी प्रदान किया गया। इस अवसर पर जीतेंद्र सिंह, परशुराम तिवारी, योगेंद्र सिंह, शिवबचन सिंह, पंचानंद गुप्ता, सुनील कुमार सिंह, कन्हैया सिंह, अक्षय कुमार सिंह, चेतन गुप्ता, दिग्विजय सिंह नन्हक, रामेश्वर चौधरी पटेल, संजय पटेल, सुनील कुमार पांडेय, पंकज सिंह, श्रीराम गिरि, लिखू पांडेय एवं शोभनाथ सिंह आदि उपस्थित रहे।