बलिया। दयाछपरा (श्रीपालपुर) पीपा पुल से नवरंगा संपर्क मार्ग का निर्माण स्वीकृति के नौ साल बाद भी अधर में है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 5 करोड़ 37 लाख 47 हजार की लागत से 8.70 किमी लंबी इस सड़क के निर्माण की स्वीकृति 14 सितंबर 2010 को मिली थी। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की ओर से टेंडर कराने के बाद वर्ष 2011 में बीके इंटरप्राइजेज हरपुर बलिया को निर्माण की जिम्मेदारी दी गई। निर्धारित समय सीमा के तहत 25 अप्रैल 2012 तक इस सड़क का निर्माण हो जाना था लेकिन बाढ़ के कारण कार्य प्रभावित हुआ जिससे समय सीमा में 31 मई 2013 तक बढ़ा दी गई थी।
लगातार कार्य बाधित होने के बाद विभाग ने 13 मार्च 2014 को इस मार्ग की लंबाई 5.50 किमी सीमित करते हुए पुनरीक्षित प्राक्कलन 512.50 लाख का ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण लखनऊ को भेजा जिसकी स्वीकृति मिली। विभाग ने एक बार फिर बीके इंटरप्राइजेज हरपुर बलिया को संशोधित लागत व शर्तों के अनुसार कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। संपूर्ण कार्य 31 अक्तूबर 2016 तक पूरा होना था लेकिन नहीं हो सका। विभाग ने 20 फरवरी 2017 को कार्य का अनुबंध निरस्त करते हुए ठेकेदार को डिबार करने की संस्तुति कर दी और निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है।
2010 में स्वीकृति मिलने के बाद आरईएस ने ठेकेदार बीके इंटर प्राइजेज हरपुर बलिया का 19 अप्रैल 2011 को एग्रीमेंट किया और कार्य प्रारंभ करने की तिथि 26 अप्रैल 2011 और कार्य समाप्ति की तिथि 25 अप्रैल 2012 निर्धारित की गई। सड़क निर्माण वाले स्थान पर पूर्व से ही 500 मीटर तक ग्राम सभा का खड़ंजा था। कार्यदायी संस्था ने वर्ष 2011 में सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया और ग्राम सभा के खड़ंजे पर ही मिट्टी व गिट्टी डाल कर छोड़ दिया लेकिन किसी ने इसकी सुधि नहीं ली। विभागीय अधिकारी की मानें तो ठेकेदार की ओर से निर्माण कार्य कराया गया था लेकिन वर्ष 2011 और 2013 में आई बाढ़ में मिट्टी का कार्य बह गया। समय-समय पर ठेकेदार की समयावधि बढ़ाई जाती रही लेकिन काम नहीं हो सका। विभागीय अधिकारी की मानें तो इस कुल दो करोड़ 44 लाख 19 हजार रुपये का भुगतान किया गया है। आलम यह है कि आज प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनने वाला यह मार्ग अधूरा पड़ा है और एनएच से पीपा पुल तक जाने के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ती है।
जांच अधिकारियों ने माना डूब क्षेत्र में व्यय करना होगा निष्फल : दयाछपरा। दयाछपरा (श्रीपालपुर ) पीपा पुल से नवरंगा मार्ग निर्माण का कार्य पूरा नहीं होने पर आरईएस के मुख्य अभियंता ने जांच टीम गठित की थी। टीम ने जांच में माना कि ठेकेदार ने समय से कार्य प्रारंभ किया लेकिन सितंबर 2011 में आई बाढ़ से मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया जिससे कार्य प्रभावित रहा। इसके बाद ठेकेदार को 31 मई 2013 तक कार्य पूरा करने की समयावधि बढ़ाई गई। पुन: अगस्त 13 में आई बाढ़ में निर्माणाधीन मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। यहां तक नवरंगा गांव में पूर्वी छोर पर सड़क करीब 80 मीटर की लंबाई में कट गई। टीम ने मार्ग की लंबाई 5.50 किमी करते हुए कार्य कराने का सुझाव दिया। इसके बाद संशोधित प्राक्कलन के अनुसार एक बार फिर ठेकेदार के अनुबंध को 20 अप्रैल 17 पुर्नजीवित कर 31 दिसंबर 17 तक कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया लेकिन यह कार्य गंगा के डूब क्षेत्र में होने के कारण कराए गए अधिकांश कार्य बर्बाद हो चुके हैं। टीम ने माना कि शासकीय हित में यह कार्य यथा स्थिति में छोड़ना ही उचित होगा और अब कोई व्यय करना निष्फल होगा। इसका विभाग की ओर से शासन को भेज दिया गया है।
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दयाछपरा श्रीपालपुर पांटून ब्रिल से नवरंगा तक बनने वाली सड़क पर कई बार काम हुआ लेकिन बार-बार गंगा में बाढ़ आने पर बर्बाद हो जा रहा है। यह डूब क्षेत्र में है लिहाजा शासन को परियोजना स्थगित करने का प्रस्ताव भेजा गया है।-मजहर हुसैन, अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, बलिया
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दयाछपरा श्रीपालपुर पांटून ब्रिल से नवरंगा तक बनने वाली सड़क को लेकर ग्रामीण अभियंत्रण विभाग से पूरी रिपोर्ट मांगी गई है। इस बाबत अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्णय लिया जाएगा।-बीएन सिंह, सीडीओ, बलिया
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दयाछपरा श्रीपालपुर पांटून ब्रिल से नवरंगा तक बनने वाली सड़क का प्रकरण उनके कार्यकाल के पहले का है। इस मार्ग के निर्माण के बाबत आरईएस से रिपोर्ट मंगाया जाएगा और मार्ग निर्माण में आने वाली कठिनाईयों को दूर किया जाएगा।-राम आसरे, एडीएम, बलिया
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