बलिया। जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती सड़क हादसे में घायलों को देखने के लिए गुरुवार की दस बजे तक चिकित्सक के नहीं पहुंचने से नाराज तीमारदारों के साथ छात्रनेताओं ने हंगामा किया। आरोप है कि छात्रनेताओं ने प्रभारी सीएमएस के साथ गालीगलौज और हाथापाई की। साथ ही आपातकालीन कक्ष के सामने नारेबाजी की। इससे आक्रोशित चिकित्सकों ने ओपीडी और इमरजेेंसी कक्ष की स्वास्थ्य सेवाएं ठप कर दीं। सूचना पर पहुंचे कोतवाल विपिन सिंह चिकित्सकों को समझाया। इसके बाद चिकित्सक डेढ़ घंटे बाद 11.30 बजे काम पर लौटे। मामले में प्रभारी सीएमएस डॉ. आरके महतो ने एक नामजद व 15 अज्ञात के विरुद्ध तहरीर दी है। वहीं, अस्पताल पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट बृजकिशोर दुबे और सीओ सिटी एके सिंह प्रभारी सीएमएस तथा मरीजों के तीमारदारों से बातचीत की और प्रभारी सीएमएस से घायल मरीजों का बेहतर इलाज करने की बात कही।
नरहीं थाना क्षेत्र के कोट अंजोरपुर गांव के सुधाकर राय की लड़की की शादी के लिए गांव के लोग वरक्षा लेकर बुधवार की रात गाजीपुर जिले के ताड़ीबड़ा गांव गए थे। लौटते समय रात एक बजे उनकी बोलेरो पतलगंगा के पास बेकाबू होकर पेड़ से टकरा गई। हादसे में बोलेरो चालक धनंजय शर्मा (36) पुत्र शिवलोचन ठाकुर, रमाशंकर यादव (70), ग्राम प्रधान राजेश यादव (45), रामव्यास यादव (50), कृपाशंकर (62), प्रेमशंकर यादव (61) एवं शिवजी (18) गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से रमाशंकर यादव को वाराणसी रेफर कर दिया। वाराणसी जाते समय रमाशंकर की मौत हो गई। घायलों का इलाज जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में चल रहा है। घटना की जानकारी होने पर फेफना थाना क्षेत्र के सागरपाली निवासी छात्रनेता अदालत सिंह छात्रों के साथ घायलों का हालचाल जानने गुरुवार की सुबह 10 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। दस बजे तक डाक्टर के राउंड पर न आने की सूचना पर छात्रनेता ने प्रभारी सीएमएस डॉ. आरके महतो से फोन से बात की। इस दौरान दोनों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि नाराज छात्रों ने सीएमएस कक्ष में घुसकर गाली गलौज की और इमरजेंसी के बाहर नारेबाजी की। इससे आक्रोशित शिक्षकों ने चिकित्सा सेवा ठप कर दी। सूचना पर कोतवाल पहुंचे लेकिन छात्रनेता और छात्र जा चुके थे। कोतवाल के समझाने के बाद चिकित्सक करीब डेढ़ घंटे बाद कार्य पर लौटे। उधर, ग्राम प्रधान राजेश यादव, प्रेम शंकर एवं कृपा शंकर को वाराणसी के लिए रेफर कर दिया।
मामले में प्रभारी सीएमएस डॉ. आरके महतो ने छात्रनेता अदालत सिंह समेत 15 अज्ञात के विरुद्ध तहरीर दी है। उन्होेंने तहरीर में आरोप लगाया है कि मोबाइल पर फेफना थाना क्षेत्र के सागरपाली निवासी अदालत सिंह नाम के व्यक्ति का फोन आया। उसने राउंड पर किसी डाक्टर के न आने की बात कहते हुए धमकी दी। इसके बाद छात्रनेता 10-15 की संख्या में लोगों के साथ कार्यालय में आकर गाली गलौज और हाथापाई की। इमरजेंसी के बाहर नारेबाजी भी की जिससे अस्पताल परिसर में अफरा तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। उन्होंने उक्त लोगों के विरूद्घ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर डा. बीपी सिंह, डा. आरएन उपाध्याय, डा. अरविंद सिंह, डा. एमके सिंह, डा. संजय कुमार सहित समस्त चिकित्सक मौजूद रहे।
साढ़े 10 बजे के पहले ओपीडी में नहीं बैठते डाक्टर : बलिया। जिला अस्पताल में पहुंचे मरीज व तीमारदारों का आरोप है कि जिला चिकित्सालय में तैनात चिकित्सक कभी भी 10.30 बजे के पहले ओपीडी में नहीं बैठते है। उधर, दोपहर एक से डेढ़ बजते ही ओपीडी से उठकर घर के लिए रवाना हो जाते है। जिसके कारण आए दिन बवाल होता रहता है। अगर समय से ओपीडी में बैठते और समय से वार्डो में राउंड करते तो ऐसी नौबत नहीं आती। ये लोग घर पर ही 10 बजे तक मरीज देखने का काम करते है। इसके बाद ही ओपीडी व राउंड में पहुंचते हैं। जिसके कारण दूर दराज से आए मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है या वैरंग ही वापस जाना पड़ता है। मरीजों व तीमारदारों ने जिलाधिकारी व जनप्रतिनिधियों से चिकित्सकों के आवासों पर औचक छापेमारी कर जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
बवाल के बाद गंभीर मरीज तड़पते नजर आए : बलिया। जिला अस्पताल में डाक्टरों को दिखाने पहुंचे मरीजों को बवाल के कारण घंटों इंतजार करना पड़ा। इस दौरान मरीज व तीमारदार बरामदा, पेड़ व अन्य स्थानों पर बैठकर ओपीड़ी में डाक्टरों का बैठने का इंतजार करते रहे। इस दौरान सबसे अधिक परेशानी दूर दूराज से छोटे बच्चों को लेकर पहुंचे तीमारदारों को हुई। बवाल के बाद इमरजेंसी में पहुंचे गंभीर मरीज तड़पते नजर आए।