बलिया। सदर अस्पताल और ट्रामा सेंटर में सरकार द्वारा मुहैया कराए गए किसी भी मशीन के कार्य न करने से क्षुब्ध वकीलों का प्रतिनिधिमंडल अधिवक्ता विवेकानंद पांडेय के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान वकीलों ने अपर जिलाधिकारी रामआसरे से मिलकर ज्ञापन सौंपा। इसमें जिला चिकित्सालय में भ्रष्टाचार और आधुनिक संसाधनों की कमी को दूर करने की मांग की गई है।
अधिवक्ताओं ने सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से मांग किया है कि अस्पताल के किसी विभाग में कोई भी चिकित्सक मरीजों को नहीं देख रहा है। अस्पताल के चिकित्सक सुबह से शाम तक अपने आवास पर बैठकर मरीजों को देख रहे है। मरीजों को उनके आवास पर जाकर इलाज कराना पड़ रहा है। अस्पताल से दवा वितरण में लापरवाही हो रही है। चिकित्सक के द्वारा महंगी कमीशन की दवाइयां लिखी जा रही। शासन के प्रतिनिधि द्वारा पिछले दिन जिला अस्पताल को करोड़ों की सौगात देने की बात की गई थी। लेकिन मरीजों के सुविधा में आजतक कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। पिछली सरकार में अस्पताल की दुर्दशा के बाद इस सरकार से आस जगी थी। लेकिन उन उम्मीदों पर भी अब पानी फिरता नजर आ रहा है। ऐसे में आए दिन अस्पताल की व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिला अस्पताल की दुर्व्यवस्था का दुरुस्त कराने की मांग वकीलों ने की है। मांग किया है कि अस्पताल में आए मशीनों का संचालन कराने के साथ ट्रामा सेंटर में आधुनिक मशीनों को ठीक कराया जाय। सरकारी चिकित्सकों के निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाई जाय। अस्पताल की आपातकालीन सेवाएं चिकित्सक एवं दवाओं की उपलब्धता बढाई जाय। इस मौके पर अधिवक्ता स्कंद चेतन सिंह, अमित गुप्ता, सोनू, शिवकुमार तिवारी सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।